नारायणगढ़ (अंबाला)। मैं मंजीत सिंह आत्महत्या कर रहा हूं। क्योंकि मैंने पिछले साल 1 लाख तीस हजार रुपये दिये थे। वो मेरे वापस नहीं दे रहा है। उसने यह रुपये एक साल के लिए मुझसे लिए थे। वो कह रहा है मैं 5 महीने में दूंगा। उसका नाम है अशोक वालिया। नारायणगढ़ का है और पीएनबी के सामने वह दुकान किया करता था। कुछ इसी तरह का सुसाइड नोट लिखकर गांव कुराली के 42 वर्षीय मंजीत सिंह ने संदिग्ध परिस्थतियों में आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने इस मामले में अशोक वालिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की हालत खराब होने के बाद जब परिजनों ने कमरा खंगाला तो बेड पर तकिए के नीचे से सुसाइड नोट बरामद हुआ। हालांकि मंजीत की मौत जहरीला पदार्थ निगलने से हुई या किसी अन्य कारण से इसका पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही खुलासा होगा।
6 महीने से परेशान था मंजीत
मनफूल सिंह ने आरोप लगाए हैं कि उसका भाई मंजीत पिछले छह माह से परेशान था। मनफूल ने कहा कि जब उसने मंजीत से पूछा था तो उसने बताया था कि लॉकडाउन के कारण काम भी नहीं है और मैंने एक साल पहले एक लाख 30 हजार रुपये पीएनबी के सामने अशोक वालिया नारायणगढ़ दुकानदार को दिये थे। एक साल बीतने पर मैं उससे राशि मांगता हूं तो कहता है कि पांच महीने के बाद दूंगा।