हैफेड के डीएम विकास देसवाल के खिलाफ जांच शुरू, कॉल रिकॉर्डिंग से सबूत जुटाएगी पुलिस
आढ़ती सुसाइड केस
- नम आंखों से आढ़ती को दी परिजनों ने विदाई, अनाजमंडी के दूसरे कारोबारी भी दुखी नजर आए
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। हैफेड के डीएम विकास देसवाल के खिलाफ के खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। डीएम की वजह से आढ़ती मदनलाल जिंदल ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस की माने तो पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। उधर सोमवार को आढ़ती मदनलाल को परिजनों ने नम आंखों से विदाई दी। अनाजमंडी के दूसरे कारोबारियों भी उनकी मौत से बेहद दुखी नजर आए।
डीएम व आढ़ती की काल रिकार्डिंग ही सबूत
शुभम राइस मिल के मालिक मदन लाल जिंदल ने आत्महत्या करने से पहले लिखे सुसाइड नोट में डीएम विकास देशवाल को जिम्मेदार ठहराया था। उसने कहा कि था कि उसे जानबूझकर धान नहीं दी जा रही थी। इसकी एवज में दस लाख रुपये की डिमांड हो रही थी। इन आरोपों को साबित करने के लिए ही पुलिस अब दोनों की कॉल रिकॉर्डिंग जुटाने की कार्रवाई कर रही है। ऐसे ही मामले से जुड़े तमाम सबूत जुटाए जाएंगे ताकि आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो सके। बेटे शुभम जिंदल की शिकायत पर पुलिस ने डीएम विकास देसवाल के खिलाफ मदनलाल को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करवाया था।
ऐसा लिखा था सुसाइड नोट में
अलमारी मिले सुसाइड नोट में मृतक ने लिखा कि उसने हर एजेंसी का काम समय पर पूरा किया है। वह कभी भी डिफाल्टर नहीं रहा। बैंक से लिए कर्जें की किश्त भी समय पर दी है। हैफेड डीएम विकास उसे जीरी नहीं दे रहा है। यदि काम न मिला तो शैलर बंद हो जाएगा। ऐसे में वह कैसे बैंक की किस्त भरेगा और परिवार का गुजारा करेगा। सुसाइड के लिए हैफेड डीएम को ही वजह बताया था।
मदन लाल सुसाइड केस में हम डीएम के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रहे हैं ताकि उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। दोनों के बीच कॉल रिकॉर्डिंग से लेकर दूसरे सबूत भी जमा किए जा रहे हैं।
-सुलतान सिंह, इंचार्ज, चौकी नंबर पांच