अंबाला सिटी। जिले में शुक्रवार को 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली तेज हवा और बारिश ने 55 से अधिक पेड़ों और खंभों को उखाड़ दिया। हवा इतनी तेज चली कि सड़क से न दोपहिया वाहन निकल पा रहे थे और ही गाड़ियां। तेज हवा व बारिश का सबसे ज्यादा असर अंबाला शहर, अंबाला कैंट, साहा और शहजादपुर में देखने को मिला। 42.2 मिलीमीटर बारिश होने से जिले में कई जगह जलभराव की स्थिति भी पैदा हो गई। इस वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
ग्रामीण क्षेत्रों में घरों और गाड़ियों पर पेड़ गिरने से नुकसान झेलना पड़ा। बिजली निगम को खंभे गिरने व टूटने से ज्यादा नुकसान हुआ है। इसी तरह वन विभाग के भी काफी पेड़ उखड़ गए। वहीं, बिजली निगम की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साहा-शाहाबाद हाईवे पर सफेदे के पेड़ गिरने से हाईवे बाधित हो गया। अंबाला-दिल्ली हाईवे के पुल पर लगी लोहे की चादर भी सड़क पर गिर गईं।
बारिश से एकदम गिरा 12.8 डिग्री तापमान, बढ़ी ठंड
पिछले रविवार से लगातार धूप खिलने से मौसम सुहावना हो गया था, लेकिन वीरवार रात में मौसम ने करवट ली। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 12.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
इंको चौक पर खंभा टूटकर सड़क पर गिरा
बारिश और तेज हवा के कारण इंको चौक पर खंभा टूटने से तारों के साथ सड़क पर गिर गया। खंभा टूटने से गाड़ियां दोनों तरफ फंस गईं। कई लोग सेक्टर-9 से इंको चौक की तरफ आ रहे थे तो कई इंको चौक से सेक्टरों की तरफ जा रहे थे, लेकिन तारों का जाल सड़क पर फैलने से लोगों को गाड़ियां वापस मोड़नी पड़ी। खंभा गिरने से बड़ा हादसा टल गया।
जलबेड़ा रोड पर सड़क पर गिरे कई पेड़
जलबेड़ा गांव के पास सड़क पर पेड़ गिर गए। तेज हवा के कारण लोग सड़क से भी नहीं जा सके। इन पेड़ को उठाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, इसके बाद रास्ता साफ हो पाया। हवा इतनी तेज थी कि सड़कों पर पेड़ के टहने और टहनियां भी दूर-दूर जाकर गिरी, जिससे कई वाहन चालक भी बच गए। जलबेड़ा गांव में ही बाबा मोहन दास के पास पेड़ का टहना टूट गया। इसी तरह पिलखनी में बिजली की तारों पर पेड़ गिर गया। इसी तरह दोसड़का बराड़ा रोड पर होली के पास एक पेड़ गिर गया। जिससे रोड बंद हो गया। भड़ी गांव में भी पेड़ गिरने से कार का शीशा टूट गया।
फीडर ब्रेकडाउन होने से बिजली रही गुल, बिजली कर्मचारी फील्ड में जुटे
बीती वीरवार रात में ही तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई थी। शुक्रवार शाम तक तेज के साथ बारिश हुई, जिससे अंबाला सर्कल में सभी 486 फीडर पर बिजली प्रभावित हुई। शुक्रवार दोपहर में तो तेज हवा का प्रकोप ज्यादा बढ़ गया और खंभे टूटने और पेड़ उखड़ने से कई खंभे व बिजली के तार टूट गए। दोपहर में 110 फीडर ब्रेकडाउन होने से बिजली गुल हो गई, जबकि बाकी फीडर कभी बंद हुए तो कभी चलते रहे। देर शाम तक बिजली प्रभावित होती रही।
अंबाला शहर में शहरी क्षेत्र में 44, ग्रामीण में 14, इंडिपेंडेंट 18 फीडर प्रभावित हुए। इसी तरह अंबाला कैंट में 48 शहरी, 32 ग्रामीण, छह इंडस्ट्री, 39 इंडिपेंडेंट फीडर और नारायणगढ़ व शहजादपुर में 120 फीडर प्रभावित हुए। वहीं, बिजली अधीक्षक अभियंता वीके गोयल, कार्यकारी अभियंता और बिजली निगम की टीम देर रात तक बिजली सुचारू रूप से चलाने के लिए लगी रही।
इन जगहों पर हुआ जलभराव
शहर में नदी मोहल्ला, मीन बाजार, कोतवाली सराय, माॅडल टाउन, छावनी में बस स्टैंड, पुल के नीचे सड़क पर जलभराव जमा हो गया। शहर के मीना बाजार में गलियों में गंदा पानी जमा हो गया, जिससे लोगों को निकलने में परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह से शाम तक बारिश होने से लोगों को काफी परेशानी हुई। वहीं कैंट में सुभाष नगर, गोविंद नगर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, प्रीत नगर, महेश नगर आदि क्षेत्रों में जलभराव उत्पन्न हो गया।
छावनी के बस स्टैंड के पास पुल के नीचे हुआ जलभराव। संवाद
छावनी के बस स्टैंड के पास पुल के नीचे हुआ जलभराव। संवाद
छावनी के बस स्टैंड के पास पुल के नीचे हुआ जलभराव। संवाद
छावनी के बस स्टैंड के पास पुल के नीचे हुआ जलभराव। संवाद
छावनी के बस स्टैंड के पास पुल के नीचे हुआ जलभराव। संवाद
छावनी के बस स्टैंड के पास पुल के नीचे हुआ जलभराव। संवाद
छावनी के बस स्टैंड के पास पुल के नीचे हुआ जलभराव। संवाद
छावनी के बस स्टैंड के पास पुल के नीचे हुआ जलभराव। संवाद