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Ambala News: कोठियों में चलने वाले स्कूलों पर होगी सख्ती

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महिला एवं बाल विकास कार्यालय अंबाला। संवाद
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अंबाला सिटी। नियमों को ताक पर रखकर प्ले स्कूल चलाने वालों पर अब सख्ती होगी। निदेशालय की ओर से महिला और बाल विकास विभाग को बिना पंजीकरण के स्कूलों में जांच करने के निर्देश मिले हैं। एक सप्ताह के भीतर विभागीय अधिकारी इस कार्य को पूरा करेंगे और रिपोर्ट सौंपेंगे।
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गौरतलब है कि जिले में 150 से अधिक ऐसे प्ले स्कूल हैं। जो किसी घर में संचालित हो रहे हैं। इस प्रकार के स्कूलों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की गाइडलाइन के नियम को नहीं माना जाता है। जो कि नौनिहालों के लिए भी एक चिंता का विषय है।
अभी तक 13 का हो चुका पंजीकरण
जिला बाल सुरक्षा अधिकारी ममता ने बताया कि एनसीपीसीआर की गाइडलाइन के आधार पर तीन वर्ष से लेकर छह वर्ष तक के बच्चे प्ले स्कूल में पढ़ सकते हैं। महिला और बाल विकास विभाग की ओर से प्ले स्कूलों को एक वर्ष तक ही चलाने के लिए पंजीकृत किया जाता है। इसके बाद प्रत्येक वर्ष स्कूलों को पुन: पंजीकरण कराना होता है। इस वर्ष अभी तक 76 पंजीकृत स्कूलों में से सिर्फ 13 प्ले स्कूलों को मंजूरी मिली है। इसमें सात पुन:पंजीकरण और छह नए आवेदन शामिल हैं। अलावा अन्य स्कूलों के आवेदनों की जांच अधूरी है। रोजाना दो से तीन स्कूलों के आवेदन आ रहे हैं।
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खंड स्तर पर बनेगी रिपोर्ट
निदेशालय के निर्देशों के बाद अब महिला एवं बाल विकास विभाग के खंड स्तरीय अधिकारी ऐसे स्कूलों की सूची बनाएंगे जो निजी भवनों में चल रहे हैं या फिर किसी के घर में चलाए जा रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर खंड स्तरीय अधिकारी अपनी- अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
वर्जन
हमारी ओर से अधिकारियों को गली मोहल्लों में चल रहे प्ले स्कूलों की जांच के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एक सप्ताह के बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
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-मिक्षा रंगा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला और बाल विकास विभाग अंबाला।
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