अंबाला सिटी। नरवाना ब्रांच नहर में पानी कम होने से चिंता भी बढ़ गई है। नहर में पहले ज्यादा पानी चलने के निशान देखे जा सकते हैं, मगर अब यहां पानी का स्तर नीचे आ गया है। 24 अप्रैल तक 3500 से 3600 क्यूसिक पानी आता था। अब यह पानी 1200 क्यूसिक पानी आ रहा है। पहले 16.8 फुट तक पानी चल रहा था। अब यह 13 फुट पर पानी चल रहा है। नरवाना ब्रांच नहर से एमईएस, जनस्वास्थ्य विभाग व एचएसवीपी को दिया जाता है।
आने वाले सीजन में आ सकती है दिक्कत
पानी का संकट का असर अभी कम ही दिखाई दे रहा है, मगर गर्मी के आने वाले सीजन में पेयजल को लेकर संकट गहरा सकता है। सिंचाई विभाग अधिकारी भी लगातार पानी के कम स्तर को लेकर नजर बनाए हुए हैं और रोजाना इसकी रिपोर्ट भी विभाग ले रहा है।
अंबाला से दो हिस्सों में बांटा जाता है भाखड़ा का पानी
पंजाब के भाखड़ा से हरियाणा के अंबाला में नरवाना ब्रांच में पानी आ रहा है। पंजाब की सीमा तक एसवाईएल नहर शांत दिखाई देती है। मगर जैसे ही नरवाना ब्रांच में पंजाब से पानी आता है तो इसे दो भागों में बांटा जाता है। नरवाना ब्रांच में आए भाखड़ा के पानी को सबसे पहले तो कुरुक्षेत्र तक भेजा जाता है। वहीं दूसरा रास्ता एसवाईएल का है। इसमें भी नरवाना ब्रांच का पानी गिराया जाता है और इसे अंबाला शहर सहित अन्य जिलों के लिए भेजा जाता है। मगर अब हालात यह है कि एसवाईएल और नरवाना ब्रांच दोनों ही मानक स्तर से कम बह रहे हैं। आने वाले समय में पंजाब से पानी की सप्लाई नहीं बढ़ी तो एसवाईएल से सप्लाई वाले शहर
पंजाब में भाखड़ा से पानी कम आने पर नरवाना ब्रांच में जल स्तर कम हो गया है। इस मसले पर हम नजर बनाए हुए हैं। पानी की व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों को भी आगाह किया गया है।संदीप कुमार, कार्यकारी अभियंता, एसवाईएल, सिंचाई विभाग
पंजाब में भाखड़ा से पानी कम आने पर नरवाना ब्रांच में जल स्तर कम हो गया है। इस मसले पर हम नजर बनाए हुए हैं। पानी की व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों को भी आगाह किया गया है।संदीप कुमार, कार्यकारी अभियंता, एसवाईएल, सिंचाई विभाग