फ्लाइंग जोन में पतंग हवाई जहाजों के लिए खतरा बन सकते हैं। इसी वजह से अब एयरफोर्स ने फ्लाइंग जोन में पतंगबाजी पर रोक लगा दी है। एयरफोर्स स्टेशन से सटे करीब एक दर्जन गांवों में पतंग उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके लिए अधिकारी हर गांव में मुनियादी करवा रहे हैं। पंचायतों से भी पतंगबाजी रोकने में अहम भूमिका निभाने का आग्रह किया गया है। रोक के बावजूद पतंग उड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी बात कही जा रही है।
लॉकडाउन की वजह से फिर बढ़ा पतंग का क्रेज
आमतौर पर लोग व्यस्तता के कारण पतंगबाजी से दूर हो गए थे। मगर कोरोना वायरस की वजह से हुई लॉकडाउन ने लोगों को फिर से पतंगबाजी की ओर आकर्षित कर दिया। इसी वजह से दिनोंदिन लोगों में पतंगबाजी का क्रेज बढ़ रहा है। खासकर शाम को घरों की छतों पर पतंग उड़ाने वालों की लाइनें लग जाती हैं। बड़ों के साथ बच्चे भी पतंगबाजी का खूब लुत्फ उठा रहे हैं। लोगों में पतंगबाजी के बढ़ते क्रेज के कारण ही एयरफोर्स स्टेशन के फ्लाइंग जोन में खतरा ज्यादा बढ़ गया है। पतंग से कोई हवाई जहाज न टकरा जाए इसी वजह से अब इस जोन में पतंगबाजी पर रोक लगाई गई है।
इन गांव में सबसे ज्यादा खतरा
एयरफोर्स स्टेशन से सटे धूलकोट, गरनाला, बरनाला, धनकौर, बलदेव नगर की कई रिहायशी कॉलोनियों से आसमान में उड़ते पतंगों से सबसे ज्यादा खतरा है। इन गांव का एरिया फ्लाइंग जोन में आता है। इसके अलावा कैंट विधानसभा के दूसरे गांव में भी पतंग न उड़ाने की मुनियादी करवाई जा रही है। खुद एयरफोर्स के अधिकारी ग्रामीणों से अपील करवा रहे हैं। गांव के गुरुद्वारा साहिब के लाउडस्पीकर के जरिए गांव के युवाओं व बच्चों से पतंग न उड़ाने की अपील की जा रही है।
कोरोना वायरस के विस्तार का भी डर
पतंगबाजी से कोरोना वायरस के विस्तार का भी डर है। हालांकि यह स्थिति वहां है जहां कोरोना मरीजों की संख्या ज्यादा है। कानपुर में कोरोना के बढ़ते केसों की वजह से स्थानीय प्रशासन ने पतंगबाजी पर रोक लगा दी है। वहां कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
पतंग न उड़ाने को लेकर गांव में लगातार मुनियादी करवाई जा रही है। यह सिलसिला पिछले कई दिन से चल रहा है। हमारे अलावा खुद एयरफोर्स अधिकारी गांव में आकर मुनियादी करवा रहे हैं। गांव फ्लाइंग जोन में होने के कारण यहां आसमान में उड़ते पतंगों के कारण हवाई जहाजों को खतरा है।
नरेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच, धूलकोट