एसीबी की टीम 30 हजार की रिश्वत मामले में रंगे हाथ पकड़े गए बराड़ा थाना प्रभारीगुलशन को कोर्ट म
- फोटो : ग्राम पंचायत हयातपुर में लोगों को समझाते हुए ब्लॉक प्रमुख रवि वर्मा।
अंबाला। मिट्टी के डंपर गुजारने के एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सोमवार रात को बराड़ा थाना प्रभारी को एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गुलशन को मंगलवार कोर्ट में पेश किया। सुनवाई होने के बाद आरोपी गुलशन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इस मामले में पीड़ित नरिंद्र कुमार का आरोप था कि आरोपी गुलशन ने बराड़ा थाना क्षेत्र से आठ मिट्टी के डंपर गुजारने के लिए पहले तो हर माह 20 हजार मांगे थे। बात नहीं बनी तो 32 हजार रुपये दो महीने में सेटल करने को कहा गया। मगर बाद में 15 हजार रुपये बोलते हुए दो माह के 30 हजार रुपये लेकर बुलाया था। उन्हें दो हजार रुपये की छूट दी थी। आरोपी थाना प्रभारी ने दूसरे चालकों के पहले आकर रिश्वत के लिए मिलने का जिक्र किया था।
एसीबी की टीम इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है कि आखिर ओर किस-किस से पैसे लिए गए है। दरअसल, एसीबी की टीम ने पीड़ित द्वारा दी गई रिकॉर्डिंग के आधार पर जाल बिछाकर सोमवार रात को रंगे हाथ बराड़ा थाने से आरोपी को पकड़ा था। अंबाला एसीबी ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया है।
थाने बुलाकर मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता बराड़ा के पुष्पा विहार निवासी नरिंद्र कुमार ने बताया कि वह राजकुमार प्रो.दशमेश अर्थ मूवर बराड़ा का दोस्त है। सहायता के तौर पर दोस्त की फर्म के अकाउंट इत्यादि का काम करता है। राजकुमार के पास आठ डंपर हैं जो मिट्टी डालने का काम करते हैं। सभी डंपर बराड़ा थाना क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। बराड़ा थाना प्रभारी गुलशन पहले तो बिना वजह से तंग करते रहे। जब थाने जाकर डंपर रोकने का कारण पूछा तो कहा कि सभी गाड़ियां उनके एरिया से निकलती है। वह इस एरिया का थाना प्रबंधक लगा हुआ है और तुम कभी मिलने भी नहीं आए। धमकाते हुए बोले कि अगर वह चाहे तो तुम्हारी एक भी गाड़ी यहां से नहीं निकल सकती है।
दस्तावेज पूरे होने पर भी तंग करने के आरोप
शिकायतकर्ता नरेंद्र का आरोप है कि थाना प्रभारी ने कहा था कि वह सभी गाड़ियों से दो सौ रुपये प्रति चक्कर लेते हैं। तुम मिलने नहीं आए तो ज्यादा लूंगा। अगर चाहते हो कि गाड़ियों के चालान न काटूं और इंपाउंड न करूं तो दो हजार रुपये प्रति माह आठ गाड़ियों के देने होंगे। ये पैसे एक से 10 तारीख तक देने की बात कही थी।