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Haryana: CM मनोहर बोले- ED पर सरकार का कोई दबाव नहीं, विज बोले- ED के बुलाने पर हुड्डा को होने लगी घबराहट

Wed, 31 Jan 2024 09:56 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला, करनाल (हरियाणा)

सार

ईडी इन दिनों काफी चर्चा में है। इसको लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री का बयान आया है कि ईडी पर सरकार का कोई दबाव नहीं है। वहीं र्पूव सीएम हुड्डा पर चल रही कार्रवाई को लेकर अनिल विज ने कहा है कि ईडी के बुलाने पर हुड्डा को घबराहट होने लगी।
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हरियाणा सीएम मनोहर लाल और अनिल विज। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि लोकसभा चुनावों में हरियाणा की 10 लोकसभा सीटें जीतेंगे। गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुडडा के बयान, भाजपा-जजपा की सरकार ने हरियाणा को अपराध की राजधानी बना दिया है, पर कहा कि कहा कि हुड्डा को जबसे ईडी ने बुलाना शुरू किया है, तब से घबराहट हाेने लगी है। ये बिना तथ्यों और बेतुके बयान दे रहे हैं। चंडीगढ़ में मेयर के चुनावों पर केजरीवाल के बयान पर कहा कि जब आम आदमी पार्टी को वोट डालने नहीं आते तो मांगने क्यों जाते हैं।

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राहुल गांधी के बयान कि हमें नीतीश की जरूरत नहीं, के संबंध में विज ने कहा कि अंगूर खट्टे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कल तक तो नीतीश-नीतीश कर रहे थे और अब नीतीश एनडीए में आ गए तो कह रहे हैं कि हमें उनकी जरूरत नहीं।

ईडी पर सरकार का कोई दबाव नहीं : मनोहर लाल
करनाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी है, उस पर सरकार का कोई दबाव नहीं है। एजेंसी को जो सूचनाएं मिलती हैं, उसी के आधार पर वह कार्य करती है। वह मिशन कर्मयोगी के तहत हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में आयोजित नैतिकता सम्मेलन में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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सीएम ने कहा कि हरियाणा में करीब साढ़े तीन लाख पक्के कर्मचारी हैं, इनका प्रशिक्षण तो पहले भी होता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के विचार को एक मुहिम के रूप में लिया गया है। जिसके तहत कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण 30 नवंबर से शुरू किया गया था, अब तक दो लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, शेष डेढ़ लाख को 31 मार्च 2024 तक दे दिया जाएगा। इसमें कर्मचारी सिर्फ ड्यूटी तक सीमित न रहें, उनका दृष्टिकोण, सोच कर्मयोगी की भांति हों, वह कर्मयोगी बनकर जनहित में कार्य करें।

उन्होंने कर्मचारी व कर्मयोगी को परिभाषित करते हुए कहा कि दोनों में फर्क सिर्फ इतना है कि कर्मचारी काम करने के लिए अपनी दिनचर्या पूरी करता है। जो योग के साथ कर्म यानी जनता के हित में हर प्रकार के व्यवहार के नाते जनहित में लगता है तो वह कर्मयोगी कहलाता है। सभी कर्मचारी अपने आपको कर्मयोगी समझें और उसी नजरिये से जनहित के कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कल आने वाले केंद्र का तो ये अंतरिम बजट है, जब पूर्ण सरकार आएगी तो पूर्ण और महत्वपूर्ण बजट लाएगी। जहां तक हरियाणा की बात है तो हरियाणा का बजट सत्र 20 फरवरी से शुरू हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। हर लोक सभा क्षेत्र में कोई न कोई कार्यक्रम चलेगा ही, सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य का निर्वहन करेंगे।

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