अंबाला। सरसेहड़ी और आसपास के क्षेत्र के करीब छह हजार लोगों को बारिश के पानी से होने वाले जलभराव की समस्या से जल्द निजात मिलेगी। इसके लिए सरसेहड़ी में 6.25 एमएलडी क्षमता का वाटर टैंक स्थापित किया जाएगा। यहां से सवा किलोमीटर लंबी स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज पाइप टांगरी नदी तक डाली जाएगी। वाटर टैंक में सरसेहड़ी और आसपास के क्षेत्र का पानी इकट्ठा होगा जो पाइपलाइन से टांगरी नदी में जाकर गिरेगा। इस परियोजना पर करीब 1.12 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि फ्लड कंट्रोल मीटिंग में इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। इस पर जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगामी दिनों में काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरसेहड़ी क्षेत्र में बरसाती दिनों में पानी की निकासी एक प्रमुख समस्या है। लोगों की इस समस्या का स्थाई तौर पर समाधान हो, इसके लिए परियोजना को तैयार किया गया है।
सरसेहड़ी में भाजपा के वार्ड प्रधान फकीरचंद सैनी, बूथ प्रधान रणजीत सिंह विर्क, जतिंद्र विर्क, प्रमोद सैनी, कुलदीप सैनी, प्रवीण सैनी, मनिंद्र सिंह व अन्य ने बताया कि रामपुर-सरसेहड़ी क्षेत्र पहले उपेक्षा का शिकार था, मगर आज गृह मंत्री विज ने इस क्षेत्र का स्वरूप बदल दिया है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री की बदौलत यहां 55.85 करोड़ रुपये की लागत से होम्योपैथिक कॉलेज व अस्पताल का निर्माण चल रहा है। 10.50 करोड़ रुपये की लागत से चंदपुरा-बब्याल पुल व अप्रोच रोड का निर्माण पूरा होने वाला है। इसके अलावा विकास के अन्य ढेरों कार्य इस क्षेत्र में हो चुके हैं।
जोहड़ के पास स्थापित होगा वाटर टैंक
गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि सरसेहड़ी में जोहड़ के पास वाटर टैंक स्थापित किया जाएगा। सरसेहड़ी क्षेत्र का पानी इस टैंक में इकट्ठा होगा। टैंक से आगे टांगरी नदी तक लगभग सवा किलोमीटर लंबी पानी की अंडरग्राउंड पाइपलाइन डाली जाएगी, जिससे पानी की निकासी होगी। पानी को पाइपलाइन में पंप करने के लिए पंपिंग मशीन लगाई जाएगी जो 4500 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) से पानी पंप करेगी। इससे एक घंटे में 2.70 लाख लीटर पानी पंप किया जा सकेगा। बिजली न होने पर पानी को पंप करने में कोई व्यवधान न पड़े, इसके लिए 50केवीए का एक जनरेटर सेट भी लगाया जाएगा।
बारिश के सीजन में होता था ओवरफ्लो
गौरतलब है कि सरसेहड़ी क्षेत्र में पानी की निकासी केवल पुराने जोहड़ में हो रही थी। जोहड़ में ज्यादा पानी आने की वजह से जलभराव की स्थिति रहती थी। बारिश के सीजन में पानी ओवरफ्लो हो जाता था। क्षेत्रवासियों ने इस समस्या का समाधान कराने के लिए गृह मंत्री अनिल विज के समक्ष गुहार लगाई थी। उन्होंने इस मसले को गंभीरता से लेते हुए परियोजना तैयार कर इसे मंजूरी प्रदान करवाई है।