बहनों ने ससुरालियों और मां के साथ मिलकर न सिर्फ पिता की सारी संपत्ति हड़प ली, बल्कि पिता की मौत के लिए भी साजिश रची। यही नहीं पिता की मौत के बाद भाई को झूठे केस में फंसाकर घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। भाई की ओर से इस आशय की शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों से लेकर गृहमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से की गई। मामले में आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।
अंबाला शहर के इंडस्ट्रियल एरिया में रहने वाले मोहित जगदेव ने शिकायत में बताया कि उनका घर अंबाला शहर कांशी नगर में है। उसके पिता वेद प्रकाश की इंडस्ट्रियल एरिया में ट्रक और बस बॉडी ठीक करने की वर्कशॉप है। 2010 तक वेदप्रकाश सरकारी बसों की बॉडी रिपेयर का काम करते थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने यह काम बंद कर दिया था। मोहित की दो बहनें रेनू और रचना व मां परमजीत कौर हैं। रचना की शादी वर्ष 2000 में राजेन्द्र धीमान निवासी धर्मपुर, हिमाचल प्रदेश के साथ हुई थी। जबकि रेनू ने चार अक्टूबर 2012 को अंबाला शहर सेक्टर-10 के रहने वाले प्रदीप से प्रेम विवाह किया था। इसी कारण वेदप्रकाश ने रेनू को चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था। आरोप है कि वर्ष 2014-15 के आस पास रेनू व उसके पति प्रदीप ने जमीन हड़पने के इरादे से घर आना जाना शुरू कर दिया था। आरोपियों ने झांसा देकर मां परमजीत कौर को भी अपने साथ मिला लिया और पिता वेदप्रकाश को रास्ते से हटाकर सारी संपत्ति हड़पने की योजना बनाई। इसमें प्रदीप कुमार के पिता शेर सिंह ने भी पूरा साथ दिया।
आरोप है कि वेदप्रकाश के बीमार होने पर साजिश के तहत उनका उपचार ढंग से नहीं कराया गया और बेतरतीब तरीके से दवाएं खिलाई गई, जिससे उनकी पांच अक्टूबर 2018 को मौत हो गई। मोहित के अनुसार मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद उन दिनों वह गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में काम करता था और एक माह पहले ही उसकी शादी हुई थी। पिता की मौत के बाद उसने गुरुग्राम से वापस अंबाला लौटकर उनका काम संभाल लिया। इसी कारण आरोपियों ने उसे भी रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
इसके तहत 28 फरवरी 2019 में मोहित के खिलाफ छेड़छाड़ की झूठी शिकायत थाने में दिलवा दी और दबाव बनाकर समझौते के तहत घर खाली करवा लिया। इससे पहले आरोपियों ने 25 लाख रुपये कैश, करीब 15 लाख के सोने के गहने और एक प्लॉट फर्जी तरीके से अपने नाम करवा लिया था और पिता के सारे दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पिता की बीमा पॉलिसी, एफडीआर व किसान पत्र इसके अलावा म्यूचुअल फंड भी अपने कब्जे में ले लिए थे। शिकायत पर आधार पर पुलिस ने आरोपी रेनू, उसके पति प्रदीप, रेनू के ससुर शमशेर, रेनू की मां परमजीत कौर और रचना पर 120बी, 406, 420, 467, 468, 471, 506 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मां करती थी हूबहू पिता जैसे हस्ताक्षर
शिकायतकर्ता मोहित के अनुसार उसकी मां परमजीत कौर हूबहू पिता के जैसे हस्ताक्षर करती थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने कई जगह उसके जाली हस्ताक्षर करवाए।
जान पर खतरा बना तो दी शिकायत
आरोप है कि चार जून 2021 को आरोपियों ने मोहित को अंबाला छोड़कर नहीं जाने पर जान से मारने की धमकी दी। इससे पहले उस पर झूठे केस दर्ज करवाए गये थे। ऐसे में तंग आकर उसने पुलिस के उच्चाधिकारियों से लेकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक को शिकायती पत्र भेजा।
फर्जी तरीके से बैंक में खुलवाया खाता
शिकायतकर्ता के पिता ने अपनी एक बीमा पॉलिसी में उसे नॉमिनी बनाया था। लेकिन आरोपियों ने शिकायतकर्ता के नाम और उसकी मां के नाम से नैनीताल बैंक अंबाला शहर में एक अकाउंट खुलवाकर उस खाते में से करीब चार लाख रुपये प्रदीप कुमार के खाते में ट्रांसफर करवा दिए। आरोप है कि जो बैंक खाता खुलवाया गया उसमें शिकायतकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर किए गए।
आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद हमने मामले में रेनू, उसके पति प्रदीप, रेनू के ससुर शमशेर, रेनू की मां परमजीत कौर और रचना पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मौत की साजिश के मामले की भी जांच की जा रही है। तफ्तीश के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- रामकुमार, इंस्पेक्टर अंबाला शहर थाना।