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एसआईआर : महज 12 दिन शेष अभी तक 42.26 फीसदी मतदाताओं का ही हुआ सत्यापन

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- 293 बीएलओ की रफ्तार धीमी, अभी तक प्रपत्र भी वितरित नहीं कर पाए, उपायुक्त ने दी कार्रवाई की चेतावनी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एसआईआर में मतदाता सत्यापन का काम धीमी गति से चल रहा है। महज 12 दिन का समय शेष है और अभी तक 42.46 फीसदी मतदाताओं का रिकार्ड ही डिजिटल हो पाय है। ऐसे में इस कम समय में कार्य पूरा करना चुनौती है। इसे लेकर जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। करनाल जिले में 293 बीएलओ का कार्य धीमी गति व संतोषजनक नहीं पाया गया है, इन्हें उपायुक्त ने सुधार न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
एसआईआर को लेकर डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने वीरवार को अलग-अलग कई बैठकें ली। मेडिकल कॉलेज के सभागार में डिजिटाइजेशन कार्य में निम्न प्रदर्शन वाले 293 बीएलओ की बैठक में उन्होंने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले बीएलओ को प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा, वहीं इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले बीएलओ के खिलाफ आरपी एक्ट 1950 के तहत कार्रवाई होगी।
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डीसी ने प्रगणन पत्र के डिजिटाइजेशन का कार्य 7 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। बीएलओ को प्रगणन पत्र के डिजिटाइजेशन कार्य में असुविधा हो रही है उनके लिए जिला स्तर पर ईएफ फार्म अपलोड सेंटर बना हुआ है और उन्हें सहायक भी उपलब्ध करवाए गए हैं। सभी ईआरओ और सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि किसी भी बीएलओ को अतिरिक्त मैनपावर व अन्य सुविधा की आवश्यकता है, वह तुरंत प्रभाव से उन्हें उपलब्ध करवाएं। वहीं बीएलओ को भी निर्देश दिए कि एसआईआर के कार्य में किसी प्रकार की कठिनाई आने पर अपने सुपरवाइजरों के माध्यम से ईआरओ को अवगत करवाएं ताकि समाधान हो सके। विदित हो कि जिले में 12.61 लाख मतदाताओं का सत्यापन किया जाना है। इस कार्य में 1181 बीएलओ की टीम लगी है। अभी तक 99 फीसदी मतदाताओं के घर पर सत्यापन प्रपत्र पहुंचा है। ब्यूरो
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- आयुक्त बोले, नोटिसों की सुनवाई की योजना भी बनाएं
इससे पहले उप चुनाव आयुक्त संजय कुमार ने भी वीसी के माध्यम से एसआईआर के संबंध में प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मतदाताओं के स्थायी पते की जानकारी न मिलना, डबल वोट और मृत मतदाता पाए जाने से संबंधित जारी किए जाने वाले नोटिसों की सुनवाई की भी कार्य योजना तैयार रखें ताकि समय पर उनका निपटारा हो सके। इसके बाद लघु सचिवालय में बैठक करके उपायुक्त ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की।
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