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सीएम के काफिले का घेराव, किसानों ने काले झंडे दिखाए, लाठियां बरसाईं

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अंबाला सिटी: चुनाव प्रभारी सुभाष बराला की गाड़ी पर डंडा मारते हुए किसान।- राकेश बनवाल - फोटो : Ambala
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नगर निगम चुनाव में मेयर पद की प्रत्याशी डॉ. वंदना शर्मा के प्रचार में अंबाला पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनके काफिले में शामिल भाजपा के तमाम नेताओं को न केवल काले झंडे दिखाए, बल्कि भारी पुलिस बल के बीच काफिले में शामिल भाजपा नेताओं की गाड़ियों पर लाठियां भी बरसाईं, हालांकि इस घटना में कोई भी गाड़ी क्षतिग्रस्त नहीं हुई। गुस्साए किसानों ने बेशक सभी गाड़ियों को निशाना बनाया, लेकिन काफिले में शामिल एंबुलेंस को हाथ नहीं लगाया।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजकर 36 मिनट पर सीएम मनोहर लाल अपने काफिले सहित अग्रसेन चौक पर पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से मौके पर तैनात सैकड़ों की संख्या में किसानों ने उनकी गाड़ी का घेराव कर दिया। काले झंडे हाथ में लिए किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने हाथापाई की तो इसी दौरान एक सिख किसान की पगड़ी गिर गई। किसान की पगड़ी गिरने का शोर जैसे ही मचा तो किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने विरोध के बीच निकल रहे काफिले पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। इस दौरान अन्य गाड़ियों सहित भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की गाड़ी पर भी किसानों ने लाठियां बरसाईं। इस दौरान करीब 10 मिनट अग्रसेन चौक पर तनाव की स्थिति बनी रही और व्यवस्था बनाने में पुलिस के पसीने छूट गए। भारी पुलिस बल ने विरोध के बीच ही मुख्यमंत्री और उनके काफिले को बमुश्किल बाहर निकाला।
सीएम काफिले में विधायक असीम गोयल की गाड़ी भी शामिल थी, जिस पर किसानों ने लाठियां बरसाईं। भाजपाइयों के साथ-साथ काफिले में शामिल पुलिस की गाड़ियों और जैमर को भी किसानों ने निशाना बनाया। यह स्थिति तब हुई जबकि पहले से ही मौके पर खुद डीसी अशोक कुमार रणनीति बनाने में जुटे थे। उन्होंने तैयारी की थी कि किसानों को पुराने पुल पर ही रोक कर सीएम के काफिले को नए पुल से निकाल दिया जाए जिसे किसानों ने फेल कर दिया।
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एसपी राजेश कालिया के साथ भी हुई धक्का-मुक्की
एसपी राजेश कालिया को भी किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। दरअसल मौके पर तैनात एसपी ने जब उत्तेजित भीड़ को रोकने का प्रयास किया तो किसानों ने उनके साथ भी धक्का मुक्की कर दी। सीएम काफिले के निकलने के बाद किसान वापस अनाज मंडी में पहुंचे, जहां पहले सारी रणनीति बनाई गई थी। आधा-घंटे चले ड्रामे के दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चौपट रही, हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों न इस दौरान पुल के ऊपर से आ रही बाइक और अन्य वाहनों पर सवार महिलाओं को नहीं रोका।
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