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भगवान के चौबीस अवतारों में श्रीराम व श्रीकृष्ण पूर्ण अवतार माने गए हैं: साध्वी रमा शास्त्री महाराज

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अंबाला सिटी। मोती नगर स्थित श्री कबीर आश्रम नगर खेड़ा में आचार्य सनातन चैतन्य महाराज की अध्यक्षता में आयोजित पितृ प्रसन्नार्थम श्रीमद्भागवत सप्ताह के चौथे दिन कथा व्यास साध्वी रमा शास्त्री ने भगवान के अवतारों का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने सूर्य और चंद्रवंश के राजाओं की कथा सुनाई। साध्वी रमा शास्त्री की ओर से गाए नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल भजन पर पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया था।
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उन्होंने कहा कि सूर्यवंश में श्रीराम और चंद्रवंश में श्रीकृष्ण ने अवतार लिया था। श्रीमद्भागवत में भगवान के चौबीस अवतारों की कथा सुनाई जाती है। चौबीस अवतारों में श्रीराम और श्रीकृष्ण पूर्ण अवतार माने गए हैं। सूर्यवंश में कई प्रतापी राजा-महाराजा हुए है, इक्ष्वाकु वंश में मंधाता, त्रिशंकु, हरिशचंद्र, हरित, रोहित, राजा सगर, अंशुमान, दिलीप, भगीरथ, खडवांग, दीर्घबाहू, रघु, अज के पुत्र दशरथ और राजा दशरथ के यहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ। इसी प्रकार चंद्रवंश में भी कई प्रतापी लोग हुए है। इस वंश में दो वंश प्रमुख हुए, वृष्णी वंश व अंधक वंश, वृष्णी वंश में शूरसेन हुए और उनके पुत्र वसुदेव की पत्नी देवकी के यहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि अंधकवंश में आहुक हुए फिर उनके पुत्र उग्रसेन और देवक हुए, उग्रसेन के पुत्र कंस और देवक की पुत्री देवकी हुई। शूरसेन के पुत्र वासुदेव का देवक की पुत्री देवकी के साथ विवाह हुआ और फिर कृष्ण का जन्म हुआ। साध्वी रमा शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण जी के जन्मोत्सव का वर्णन बहुत ही सुंदर ढंग से किया। इस दौरान सभी भक्त भजनों पर मंत्रमुग्ध होकर झूमे।
ढोल-नगाड़ों के बीच जन्मे भगवान श्री कृष्ण
कथा के दौरान वासुदेव बाबा बाल श्रीकृष्ण बने देवम शर्मा को टोकरी में लेकर कथा स्थल में पहुंचे वहीं इस मौके पर ढोल नगाड़ों के बीच भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भरपूर आनंद उठाया। भगवान श्रीकृष्ण जी का बहुत सुंदर झूला भी सजाया गया था। जिसमें सभी भक्तों ने बाल गोपाल जी महाराज के दर्शन कर माथा टेका। कथा से पूर्व भागवत महापुराण कथा व्यास गद्दी का यजमान गुरप्रीत, मोनू धीमान, विकाश कटारिया, रीना कटारिया, सरला, त्रिलोकीनाथ गुप्ता, तारा देवी गुप्ता, नीलकमल शर्मा, रेखा गुप्ता, आशा पाली, उषा गोयल आदि ने पूजा अर्चना की। वहीं कथा व्यास रमा शास्त्री महाराज का भी फूल मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया। कथा का शुभारंभ मुख्य अतिथि संदीप सचदेवा एडवोकेट मनोनीत पार्षद नगर निगम अंबाला की ओर से दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। वहीं मुख्यतिथि को महाराज की ओर से स्मृति चिन्ह व प्रसाद देकर सम्मानित किया गया।
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