अंबाला। छावनी के गोबिंद नगर स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में 26 फरवरी 1970 को 25 सदस्यों से गठित हुई श्री बांके बिहारी सभा आज शिक्षा की अलख जगाकर स्लम बस्ती के बच्चों को शिक्षित करने में विशेष योगदान दे रही है। सभा में आज 55 सदस्य हैं जोकि तन-मन-धन से सामाजिक और धार्मिक कार्याें के अलावा जरूरतमंद लोगों की निष्काम सेवा कर रहे हैं।
श्री बांके बिहारी मंदिर सभा के अधीन श्री बांके बिहारी धर्मशाला, कम आय वर्ग के बच्चों के लिए स्नेह आंचल मॉडल स्कूल के साथ-साथ वाचनालय चलाया जा रहा है। स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा सेवा के माध्यम से मंदिर की आधारशिला रख निर्माण किया गया और सर्वप्रथम जुगल जोड़ी श्री राधा कृष्ण जी के स्वरूप की स्थापना प्रधान पुष्प लता द्वारा अपने पुत्र की याद में करवाई गई। मंदिर सेवा का भार पंडित अमरनाथ ने उठाया था।
आस्था का केंद्र है मंदिर
मंदिर में समय विस्तार के साथ शिवालय की स्थापना गोपाल कृष्ण गुप्ता परिवार द्वारा की गई। इसके बाद श्री राम दरबार की स्थापना, श्री लक्ष्मी नारायण जी, श्री दुर्गा माता, श्री हनुमान जी, नवग्रह एवं शनि महाराज का स्वरूप स्थापित किये गये। प्रत्येक वर्ष की शुरूआत में पहले शनिवार को श्री सुंदरकांड का पाठ, स्थापना दिवस पर साप्ताहिक ज्ञान कथा यज्ञ, सावन माह, हर पूर्णिमा पर खीर का प्रसाद, शिवरात्रि पर्व, जन्माष्टमी पर्व, तुलसी विवाह व माता रानी का जागरण, कार्तिक मास की प्रभात फेरियां आयोजित की जाती हैं। सभा द्वारा आयोजित किए जाने वाले धार्मिक कार्यक्रम के तहत भजन संध्या, मासिक संक्रांति पर हवन व अन्य नियमित धार्मिक आयोजन किये जाते हैं। वर्तमान में पंडित परमेश्वरानंद, ओमप्रकाश मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को धर्म कर्म का ज्ञान देकर सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं।
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मंदिर के विस्तार के लिए योजनाएं लगातार चलती रहती हैं ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को साफ व स्वच्छ वातावरण मिले।
- दिनेश बहल, प्रधान
सभा की ओर से समय-समय पर जरूरतमंदों के लिए कई प्रकार के कार्य किए जाते हैं और उन्हें आर्थिक तौर पर भी मदद उपलब्ध करवाई जाती है।
- पुनीत वर्मा, खजांची
बच्चों की शिक्षा के लिए सभा के सदस्य पूर्ण सहयोग करते हैं। उनका मानना है कि अगर बच्चे शिक्षित होंंगे तो समाज भी शिक्षित होगा।
- संजय गौरी, महासचिव
सभा में व्यापारी से लेकर उच्च पदों से सेवानिवृत अधिकारी शामिल हैं जोकि तन-मन-धन से सभा के कार्याें में पूर्ण सहयोग करते हैं।
- सतीश चंद्र दुआ, अध्यक्ष