अंबाला। जिंदगी में कभी कोई मुसीबत आए तो घबराना मत, क्योंकि गिरकर उठने वाले को ही बाजीगर कहते हैं। यह पंक्ति छावनी के पक्की सराय निवासी बॉडी बिल्डर आकाशदीप सिंह संधू उर्फ नोनू पर सटीक बैठती है। करीब डेढ़ साल पहले सड़क हादसे में कंधे की हड्डी टूटने के बाद भी आकाशदीप ने हिम्मत नहीं हारी। बॉडी बिल्डिंग के जुनून के चलते फिर जिम में उतरे और दिनरात पसीना बहाया। इसी संघर्ष की बदौलत आकाशदीप ने नार्थ इंडिया जूनियर केटेगरी में ओवरऑल स्वर्ण पदक झटका। साथ ही 21 साल की उम्र में सीनियर केटेगरी में हिस्सा लेते हुए पांचवां स्थान हासिल किया।
यह खिताब आकाशदीप ने 65 से 70 किलोग्राम भारवर्ग में जीता। यह प्रतियोगिता पंचकूला के सेक्टर-5 इंद्रधनुष में 17 अप्रैल को आयोजित हुई। अंबाला लौटने पर आकाशदीप का भव्य स्वागत हुआ। ढोल-नगाड़ों व फूलों की बरसात के साथ युवा आकाशदीप संग बाजारों से होकर गुजरे। परिजनों के साथ-साथ मोहल्ले वालों ने भी इस उपलब्धि पर ढेरों बधाई दी।
कोच से प्रेरित होकर आकाशदीप 2020 में बना मिस्टर अंबाला
आकाशदीप ने बताया कि उन्होंने छावनी के राजकीय महाविद्यालय से ग्रेजुएशन करने के बाद फिटनेस के लिए करीब तीन साल पहले जिम में जाना शुरू किया था। जिम ट्रेनर विशाल को बॉडी बिल्डिंग शो में मंच पर देखकर खुद भी कुछ कर दिखाने का जोश जगा। 2020 में 60 से 65 किलोग्राम भार वर्ग में खेलने के लिए उतरा और स्वर्ण पदक जीतकर मिस्टर अंबाला बना। यह प्रतियोगिता नई अनाजमंडी अंबाला में हुई थी। आकाशदीप ने बताया कि पिता बलजीत सिंह ऑटो ड्राइवर और मां गुरविंद्र संधू गृहिणी हैं।
शेरू क्लासिक में अपनी मस्कुलर बॉडी दिखाएगा आकाशदीप
आकाशदीप खुद बॉडी बिल्डिंग के साथ-साथ जिम ट्रेनर भी है। वे जिम में युवाओं को नशे से दूर रहकर फिटनेस के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मिस्टर अंबाला बनने के बाद अचानक 2020 नवंबर में सड़क हादसे के दौरान कंधे की हड्डी में फ्रेक्चर आ गया था। एक बार लगा कि दोबारा हैवी वेट नहीं उठा पाऊंगा। उन्होंने हिम्मत करते हुए 2021 में दोबारा जिम शुरू की। आकाशदीप ने बताया कि वह शेरू क्लासिक प्रतियोगिता की तैैयारी में जुट गए हैं। यह प्रतियोगिता 17 जून को दिल्ली के प्रगति मैदान में होगी। इसमें वह देशभर से बॉडी बिल्डर के सामने अपनी मस्कुलर बॉडी का प्रदर्शन करेंगे।