बराड़ा। जिम्नास्टिक, बॉक्सिंग, फुटबाल और कुश्ती ही नहीं ताइक्वांडो में भी अंबाला के खिलाड़ी नाम कमा रहे हैं। छावनी की गगनजोत गिल ने जिलास्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर 30 से ज्यादा पदक झटक चुकी हैं। अब वह पंजाब यूनिवर्सिटी से ज्यूडीशरी की तैयारी कर रही हैं। इसके अलावा बराड़ा के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मनदीप सिंह ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में रजत सहित अन्य पदक अपने नाम किए हैं। मौजूदा समय में वह खेल कोटे से पशुपालन विभाग में नौकरी कर रहे हैं।
ताइक्वांडो कोच जगदीप सिंह ने बताया कि उनके पास कई खिलाड़ी ताइक्वांडो की प्रेक्टिस करते हैं। जिनमें से दो खिलाड़ी ऐसे हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। कोच जगदीप सिंह ने बताया कि छावनी की न्यू टैगोर गार्डन निवासी गगनजोत गिल छह वर्ष की उम्र से ताइक्वांडों में प्रतिभाग कर रही हैं।
30 से ज्यादा राष्ट्रीय स्तर पर जीते पदक
गगनजोत ने राष्ट्रीय स्तर पर 30 से ज्यादा पदक हासिल किए। उन्होंने सब जूनियर, जूनियर, सीनियर स्कूल गेम, नेशनल गेम, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम खेली। इसके साथ ही वह राष्ट्रीय स्तर कई बार स्वर्ण पदक जीते। वहीं ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में तीन बार स्वर्ण पदक विजेता रही हैं। गगनजोत ने नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेफ गेम्स में रजत पदक जीता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंबाला का नाम चमकाया था। इसके अलावा गगनजोत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जूनियर एशियन, जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप, सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन सीनियर चैंपियनशिप, ओलंपिक क्वालीफिकेशन चैंपियनशिप, दो बार वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स खेली जिसमें उनकी भागीदार रहीं।
बराड़ा के गांव अबदुल्लापुर निवासी मनदीप सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। जब वह सातवीं कक्षा से ताइक्वांडो में प्रतिभाग कर रहे हैं। उन्होंने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम खेली। जिसमें भागीदारी रही। इसके अलावा उन्होंने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में सिल्वर पदक जीता और खेल कोटे से पशुपालन विभाग में नौकरी पाई।
ताइक्वांडाे कोच जगदीप सिंह के साथ अंबाला छावनी निवासी गगनजोत पदक दिखाते हुए। स्वयं