संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। भारत बंद का अंबाला शहर में पूरी तरह से असर रहा। शहर की कपड़ा मार्केट से लेकर सभी बड़े बाजार पूरी तरह से बंद रहे। केवल दवा की दुकानें ही खुली रहीं। शहर के सभी बाजार शाम तक पूरी तरह से सुनसान रहे। वहीं शंभू बॉर्डर पर किसानों ने सुबह 6 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक पूरी तरह से जाम रखा।
इस दौरान न तो किसी गाड़ी को जाने दिया और न ही किसी बाइक सवार को जाने की इजाजत दी गई। केवल एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, आर्मी की गाड़ियों को ही जाने की इजाजत थी। जो लोग बहुत ही ज्यादा इमरजेंसी बता रहे थे, उन्हें शंभू बॉर्डर पार करने दिया गया अन्यथा सभी लोग वापस मुड़ने को मजबूर हुए।
रोडवेज डिपो पर पूरी तरह से ताला लगा था और डिपो के बाहर भारी पुलिस बल तैनात था। सुबह 6 बजे तक 10 बजे ही डिपो से बसें निकाली गईं, इसमें अधिकतर बसें लंबी दूरी की थी, जिन्हें बाद में रास्ते में ही रुकना पड़ा। सुबह 6 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक एक भी बस रोडवेज डिपो से नहीं निकली। शाम चार बजे के बाद बसें रोडवेज डिपो से गंतव्य स्थान की ओर रवाना हुईं।
किसानों ने बाजारों से निकाला मार्च
किसानों ने बाजारों से मार्च निकाला। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में किसान बाइक और ट्रैक्टर पर सवार होकर बाजारों में निकले। इससे पूर्व किसान शहर की नई अनाज मंडी एकत्रित हुए और अग्रसेन चौक से पॉलीटेक्निक चौक से पुराना सिविल अस्पताल फिर कुम्हार मोहल्ला, दो नंबर चौकी, सर्राफा बाजार, कोतवाली बाजार, तंदूरा बाजार, पुरानी अनाज मंडी, पटेल रोड, पुली से जगाधरी गेट से अन्य स्थानों से होते हुए गुजरे और दुकानदारों से दुकानें बंद रखने का आह्वान किया। वहीं, शाम तक किसानों के जत्थे बाजारों में घूमते हुए दुकानदारों से बंद रखने का आह्वान करते रहे।
सरकारी दफ्तरों में जारी रहा कार्य, स्कूल भी खुले
भारत बंद के दौरान जहां बाजार पूरी तरह से बंद रहे, लेकिन सरकारी दफ्तर में काम जारी रहा। हालांकि कार्य थोड़ा ही बाधित रहा। इसके अलावा समयानुसार स्कूल भी खुले रहे और बच्चे पढ़ाई करने के लिए पहुंचे। किसानों ने थोड़े समय के लिए नगर निगम का गेट तो बंद करवा दिया। इस दौरान भी किसी तरह का काम प्रभावित नहीं हुआ। ऐसी ही स्थिति अन्य सरकारी कार्यालयों और सरकारी अस्पताल की रही, जहां पर कार्य नियमित रूप से जारी रहा।