संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। थैलेसीमिया मरीजों के लिए अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में बने स्पेशल वार्ड से राहत मिली है। लंबे समय से इस वार्ड की प्रक्रिया चल रही थी। अस्पताल के आईपीडी ब्लॉक के तीसरी मंजिल पर चार बेड का यह स्पेशल वार्ड बनाया गया है। इसमें किसी दूसरे मरीज को नहीं रखा जाएगा। जैसे ही अस्पताल में कोई थैलेसीमिया का मरीज आता है तो उसे इस वार्ड में ही रखा जाएगा। बाकायदा इस वार्ड की देखरेख के लिए अस्पताल में एक अलग से नर्सिंग स्टेशन भी बनाया गया है। इसमें सुबह व शाम के समय नर्सिंग ऑफिसर की तैनाती रहती है जो आने वाले मरीजों को रक्त चढ़ाने के साथ-साथ विशेष ध्यान रखती है। इस वार्ड को पोस्टरों से काफी आकर्षक बनाया गया है ताकि मरीज इसे देखकर अच्छा महसूस कर सके।
पहले प्राइवेट वार्ड व इमरजेंसी में होता था उपचार
जिले में थैलेसीमिया के कुल 25 मरीज है। पहले यह स्थिति थी कि कोई मरीज रक्त चढ़वाने आदि के लिए आता था तो प्राइवेट वार्ड के एक कमरे में जगह दी जाती थी। यहां तक कि कभी इमरजेंसी तो कई बार ब्लड बैंक तक में उनका उपचार किया जाता है। ऐसे में उन्हें मजबूरन इधर-उधर भटकना पड़ता था। अब उन्हें इस परेशानी से छुटकारा मिलेगा। अलग से वार्ड बनाने को लेकर कई बार मरीज व उनके परिजन मांग उठा चुके थे।
खून चढ़ाने के लिए आते हैं मरीज
थैलेसीमिया रोग एक तरह का रक्त विकार है। इसमें बच्चे के शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण सही ढंग से नहीं हो पाता है। इन कोशिकाओं की आयु भी बहुत कम हो जाती है। इस कारण इन बच्चों को हर 21 दिन बाद कम से कम एक यूनिट रक्त की जरूरत होती है।
थैलेसीमिया के मरीजों के लिए अलग वार्ड बना हुआ है। मरीजों की देखरेख के लिए अलग से नर्सिंग स्टेशन भी बनाया गया है ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
- डॉ. पूजा पेंटल, पीएमओ अंबाला कैंट नागरिक अस्पताल