अंबाला। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं अंबाला में अलग-अलग तरह के काम कर रही हैंं। इससे वे अपनी आजीविका बढ़ा रही हैं। इसमें अधिकतर महिलाएं अपने समूहों की महिलाओं के साथ-साथ परिवार के सदस्यों का भी सहारा ले रही हैं।
इससे उनके व्यापार और बढ़ोतरी हो सके। इसका उदाहरण नारायणगढ़ के बरोली गांव की संतोष रानी है जो शिव समूह से है। वह गरम मसाले और इसका पाउडर बना रही हैं। इसके साथ ही वह नारियल के शुद्ध तेल की सप्लाई कर रही है।
संतोष रानी यह कार्य अपने पति रामकुमार, बेटी अनुराधा और दामाद श्याम राज के साथ मिलकर कर रहीं है। जबसे उन्होंने यह काम शुरू किया है। तब से उनकी आर्थिक स्थिति बदल गई है। वह अपने परिवार के द्वारा तैयार किए गए मसाले और नारियल के तेल को हिमाचल के विभिन्न जिलों में सप्लाई कर रहे हैं। वर्तमान में वह इनकी सप्लाई पंजाब और हरियाणा में शुरू करने वाली है।
नारायणगढ़ के बरोली गांव निवासी संतोष देवी ने बताया कि वह घर पर ऑटोमेटिक चक्की में 13 तरह के मसाले पिसती हैं। इसके बाद वह इन मसालाें का पाउडर बनाते हैं। इसके साथ ही मसालों को पैक कर हिमाचल के पौंटा साहिब, कालका, बद्दी और अन्य जिलों में इनकी सप्लाई कर रहीं हैं। इसके साथ ही वह नारियल का तेल भी सप्लाई करते हैं।
पति थे दुकानदार अब पत्नी का दे रहे साथ
संतोष रानी ने बताया कि उनके पति रामकुमार दुकानदार थे। जब से उन्होंने यह काम शुरू किया है तब से उन्होंने दुकान छोड़ दी और पत्नी का हाथ बटा रहे हैं। सप्लाई का काम पति रामकुमार देखते हैं। जबकि दामाद और बेटी गुजरात, केरला से सामान लेकर आते हैं।
गुजरात और केरल से मंगाते हैं सामान
संतोष के अनुसार वह गुजरात से जीरा और सौंफ मंगाते हैं। इसके अलावा इलायची, लोंग, काली मिर्च, धनिया, गरम मसाला, दालचीनी, पंचमेवा, दाखे, तेज पत्ता, सूखा नारियल, जायफल, जावित्री और नारियल का शुद्ध तेल केरल से मंगवाते हैं। लोकल स्तर पर अजवाइन, पीली सरसों मंगवाते हैं। इसके अलावा काली मिर्च, लाल मिर्च, हल्दी, गरम मसाला को पीस पाउडर बनाते हैं। इसके बाद वह इन्हें पाउच और गत्ते के डिब्बों में पैक करते हैं। इसके साथ ही नारियल के शुद्ध तेल को छोटी-छोटी बोतल में पैक करके बेचते हैं।
संतोष रानी मसाले पैक करती हुई। स्वयं
संतोष रानी मसाले पैक करती हुई। स्वयं