माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। जिले में साइंस इंडस्ट्री की ऑक्सीजन की संजीवनी मिली है। ऑक्सीजन सप्लाई शुरू होने के कारण बंद हो चुकी करीब एक हजार फैक्टरियां फिर से शुरू हो गई हैं। फैक्टरियों में ऑक्सीजन बंद होने से एक माह में अंबाला की साइंस इंडस्ट्री को करीब 40 करोड़ रुपये का झटका लग चुका है।
जिला प्रशासन ने 28 अप्रैल को सभी इंडस्ट्री की ऑक्सीजन आपूर्ति बंद करवा दी थी ताकि जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सके। दरअसल अंबाला में ग्लास वेयर और ब्लाइंग का भारी मात्रा में काम होता है। इस इंडस्ट्री का सारा काम ऑक्सीजन के जरिए ही होता है। अंबाला में इस कारोबार से करीब 8 हजार कर्मचारी जुड़े हैं। फैक्टरियां बंद होने से कर्मचारियों के परिवारों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई थी।
ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण अंबाला में ग्लास वेयर इंडस्ट्री में बनने वाले बीकर, वॉच और क्लॉक ग्लास, कोनिकल फ्लास, वॉल्यूमेट्रिक फ्लास, टेस्ट ट्यूब, परखनली, बोरोसिलिकेट गलस इत्यादि का निर्माण बंद हो गया था। लेकिन अब इनका निर्माण शुरू कर दिया गया है। जिले में उपकरण नहीं बनने के कारण यहां के ऑर्डर रद्द कर बड़ी फार्मों ने आगरा व फिरोजाबाद के कारोबारियों को ऑर्डर देने शुरू कर दिए थे। बता दें कि अंबाला की साइंस इंडस्ट्री से डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन) जैसी प्रतिष्ठित संस्थानों को ग्लास वेयर उपकरणों की सप्लाई होती है, जबकि फार्मा इंडस्ट्री में भी उपकरणों की सप्लाई का बढ़ा हिस्सा है।
निश्चित तौर पर ऑक्सीजन आपूर्ति बहाल कर दी गई है। इससे सबसे ज्यादा फायदा ब्लाइंग इंडस्ट्री को हुआ है। अभी तक अंबाला में कम से कम 40 करोड़ रुपये का तो नुकसान हो ही चुका है। लेकिन लोगों की जान बचाने के लिए उस समय वह कदम भी उठाना प्रशासन की मजबूरी थी। - संजय गुप्ता, प्रधान असीमा।
अब ब्लाइंग का काम शुरू हो चुका है। तीन दिनों से ऑक्सीजन दोबारा से मिलनी शुरू हो चुकी है। इसके लिए हम प्रशासन के आभारी हैं, प्रशासन ने समय रहते हुए यह कदम उठाया। - गुरकृपाल सिंह, साइंस उद्यमी
हम सरकार के आभारी हैं कि समय रहते फिर से हमारे उद्योगों की ऑक्सीजन आपूर्ति कर शुरू कर दी है। निश्चित तौर पर अंबाला की साइंस इंडस्ट्री को करोड़ों में नुकसान हुआ है। लोगों जान बचाने के लिए उस समय जो कदम उठाया गया, वह जरूरी था। - आलोक सूद, सदस्य असीमा।