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स्कूल प्रकरण : बीईओ को सौंपी जांच, सरपंच बोलीं- मनमुटाव का कराएंगे समाधान

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अंबाला सिटी। पतरहेड़ी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में प्रधानाचार्या के लड़कियों को कथित रूप से प्रताड़ना देने का मामला शिक्षा निदेशालय तक पहुंच गया है। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच शुरू कर दी।
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जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने मामले की जांच बीईओ शहजादपुर ज्योति रानी को सौंपी हैं। बीईओ शहजादपुर ज्योति रानी गुरुवार को स्कूल में जाकर जांच करेंगी और इसके बाद अपनी जांच रिपोर्ट डीईओ सुरेश कुमार को सौंपेंगी। इस मामले में कितनी सच्चाई है यह तो जांच रिपोर्ट ही बता सकती है। मगर इस मामले में जब गांव पतरहेड़ी की सरपंच से पूछा तो उन्होंने बताया कि यह मामला कुछ दिन पहले संज्ञान में आया था।
हमें प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि कुछ स्कूल स्टॉफ और प्रिंसिपल के बीच में कुछ मनमुटाव है। इसी कारण कुछ गांव वाले भी हैं। इस मामले में बैठकर बात की जाएगी, जिससे कि मामले का समाधान किया जा सके।
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गौरतलब है कि स्कूल में लड़कियों की प्रताड़ना मामले को लेकर घड़ौली, धमौली माजरी, सलौला, नेकनांवा, बिचली धमौली, तनक माजरा के मौजूदा सरपंच और पूर्व सरपंचों व अभिभावकों ने महिला आयोग पंचकुला को शिकायत भेजी है। शिकायत की प्रति मुख्यमंत्री हरियाणा, सेकेंडरी एजुकेशन, उपायुक्त अंबाला, महिला एसएचओ और जिला शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है।
महिला आयोग को दी ये शिकायत
सरकार ने छात्राओं को निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई है। छात्राओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी सरकार की इस भावना के प्रतिकूल काम कर रहे हैं। प्रत्येक स्कूल मुखिया का कर्तव्य है कि वह लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की भावना के अनुरूप सहयोग करे। लड़कियों को स्कूल में अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराए, अपने बच्चों जैसा व्यवहार करे, उनकी समस्याओं को व्यक्तिगत रुचि लेकर दूर करे, लेकिन प्रधानाचार्य इससे एकदम विपरीत तरीके से काम कर रही है। शिकायत में आरोप हैं कि स्कूल में प्रधानाचार्या की ओर से नियमों को ताक पर रखकर खुले प्रांगण में लड़कों की उपस्थिति में लड़कियों के हाथ ऊपर करके सजा दी जाती है। लड़के देखकर हंसते हैं और धीमी आवाज में फब्तियां कसते हैं। इसके साथ ही प्रधानाचार्या प्रातःकालीन सभा के दौरान स्टाफ और लड़कों के सामने बड़ी लड़कियों की चोटियां खींचती हैं। छात्र और छात्राओं में भेदभाव करते हुए केवल छात्राओं को आधी छुट्टी के दौरान भी कक्षा कक्ष में रहने के लिए मजबूर किया जाता है। सुबह 8 बजे से 2.30 बजे तक कमरे में ही रखना उनका मानसिक उत्पीड़न है और मनोबल गिराने का काम है। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पतरेहड़ी प्रधानाचार्या दीपा कौशिक का कहना था कि वह इस मामले में कोई बात नहीं करना चाहती।
पहले भी विवादों की हो चुकी शिकायत
इस स्कूल के लिए बीते मार्च में भी एक विवाद सामने आया था। इसकी जांच बीईओ शहजादपुर ने की थी। इस गांव के ग्रामीणों ने 20 मार्च को हरियाणा शिक्षा बोर्ड के सचिव के नाम शिकायत देते हुए बताया था कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पतरहेड़ी को बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाया गया है। इसमें गांव के पंच की तरफ से प्रधानाचार्य पर आरोप लगाए थे कि वह नियमों को ताक पर रखकर काम कर रही हैं। उन्होंने स्कूल में वरिष्ठता सूची में 15वें स्थान पर प्राध्यापक को मुख्य केंद्र अधीक्षक नियुक्त किया हुआ है। इस शिकायत की जांच जिला के शिक्षाधिकारी भी कर चुके हैं। इसके साथ ही 11 मार्च काे स्टाफ और प्रधानाचार्या के बीच विवाद को लेकर एक शिकायत बीईओ के पास पहुंची थी। उस दौरान इस मामले में समझौता हो गया था।


वर्जन
पतरहेड़ी राजकीय स्कूल में प्रधानाचार्य की ओर से लड़कियों की प्रताड़ना से संबंधित मामला उनके संज्ञान में मामला आया है। इस मामले की जांच के लिए वह गुरुवार सुबह स्कूल जाएंगे और जांच के बाद रिपोर्ट डीईओ को सौंपी जाएगी।
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ज्योति रानी, बीईओ, शहजादपुर।
वर्जन
उनके संज्ञान में मामला आया है। इसकी जांच के निर्देश बीईओ शहजादपुर को दिए गए हैं। गुरुवार को मामले की जांच की जाएगी।
सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
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