अंबाला। करीब पांच साल से रोडवेज महिलाओं के लिए पिंक बस का तोहफा लेकर आई थी। कामकाजी महिलाओं को अब पिंक बस के माध्यम से अपने गंतव्य तक असानी से पहुंचना संभव था। मगर जितनी तेजी से यह बसें आईं उतनी ही तेजी से इसके पीछे की मंशा दम तोड़ गई।
इन बसों में महिलाएं ही बैठ सकती थीं, मगर अब इनमें पुरुष भी बैठने लगे हैं। जबकि दूसरी तरफ महिलाएं आज भी ऑटो में धक्के खा रही हैं। इसपर रोडवेज का तर्क है कि महिला सवारी न मिलने से पुरुष सवारियों को बिठाना पड़ा। मगर सबसे बड़ा सवाल यह है क्या रोडवेज या प्रशासनिक अधिकारियों ने यह पता करने की कोशिश की है कि आखिर महिलाएं उनकी बसों में सफर क्यों नहीं कर रहीं हैं, जबकि वही महिलाएं ऑटो में परेशानी झेलकर सफर कर रही हैं।
अंबाला में हैं नौ पिंक बसें
कोरोना से पहले अंबाला डिपो में पांच पिंक बसें शामिल हुई थी। धीरे-धीरे इनकी संख्या नौ हो गई। इन बसों को लाने का उद्देश्य कामकाजी महिलाएं और छात्राओं को अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाना था। कुछ समय तो ठीक चलाता रहा, लेकिन कोरोना काल आने के बाद से यह बसें बंद कर दी गईं। जब कोरोना कम हुआ तो अंबाला डिपो ने अपनी सभी बसों के साथ इन पिंक बसों को दोबारा चलाया। बसों को पर्याप्त महिला सवारी नहीं मिल रही थी। जिसके बाद से ही बसों में महिला और पुरुष दोनों यात्रियों को बैठाना शुरू कर दिया और अभी तक इन बसों में दोनों महिलाएं और पुरुष इकट्ठे सफर कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मिली थी पिंक बसें
बताया जाता है कि 2019 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अंबाला डिपो में रोडवेज की पांच पिंक बसों की शुरुआत की गई थी। इनकी शुरूआत हरियाणा की सभी जिलों में एक साथ की गई थी। इन पिंक बसों में महिलाएं और छात्राएं ही सफर कर सकती थीं, लेकिन अब इन बसों में यात्रा के दौरान महिलाओं से पुरुषों की संख्या ज्यादा रहती है।
मौजूदा समय में अंबाला के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सड़कों पर नौ पिंक बसे दौड़ रही हैं, यह बसें अंबाला सिटी से अंबाला कैंट, कोर्ट, महेश नगर, सारन, केसरी, बराड़ा घेलड़ी, बरवाला और इस्माइलाबाद के कंगवाल में यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचा रही हैं।
वर्जन
कोरोना के बाद से ही महिला सवारी की संख्या कम होने के कारण इन बसों में पुरुष भी सफर कर रहे हैं। अगर किसी भी क्षेत्र से छात्राओं और महिला सवारियों की मांग आती है, तो इन पिंक बसों को महिलाओं के लिए ही चला दिया जाएगा।
विपुल नांदल, यातायात प्रबंधक, अंबाला डिपो
अंबाला शहर बस स्टैंड पर खड़ी पिंक बस में बैठी महिलाएं और पुरुष। संवाद