संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। वेतन न मिलने से नाराज ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान फर्म द्वारा सेवा शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया गया।
इस मौके पर सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन के राज्य सचिव सतीश सेठी ने कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि नगरपालिका ने 7 जुलाई 2025 को द गिल कोऑपरेटिव लेबर एंड कंस्ट्रक्शन सोसायटी लि. जींद को एक साल के लिए पालिका क्षेत्र की गलियों व नालियों की सफाई तथा झाड़ियां उखाड़ने के काम का कार्य आदेश चार लाख 52 हजार 222 रुपये प्रतिमाह पर दिया था। इसकी शर्त नंबर पांच में लिखा है कि फर्म सभी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान हर महीने की 7 तारीख तक करना होगा, भले ही फर्म के बिल का भुगतान ना हुआ हो।
इसी प्रकार शर्त 16 में फर्म को हरियाणा सरकार के न्यूनतम वेतन अनुसार भुगतान करने व ईपीएफ व ईएसआई के सभी नियमों को मानने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा शर्त 18 में फर्म द्वारा लगाए गए सभी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, वर्दी, जूते, ग्लब्स, गमबूट, मास्क व स्वास्थ्य संबंधित सामग्री व पहचान पत्र उपलब्ध करवाने के बारे में कहा गया है। इसमें यह भी लिखा गया है कि फर्म द्वारा कर्मचारियों को दी गई वर्दी, जूते व पहचान पत्र ड्यूटी पर पहनने होंगे। लेकिन इन तीनों ही शर्तों की फर्म ने बिल्कुल भी पालन नहीं की है। अक्टूबर का महीना शुरु हो गया है, लेकिन अभी तक अगस्त महीने का भी वेतन कर्मचारियों को नहीं मिला है जोकि 7 सितंबर तक मिल जाना चाहिए था। इसी प्रकार ईएसआई कार्ड न मिलने के कारण कर्मियों को कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिली है, यही नहीं फर्म ने कर्मचारियों को वर्दी, जूते या सुरक्षा किट इत्यादि नहीं दिए है। इन हालात में सफाई कर्मियों के पास संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता, क्योंकि कर्मचारी वेतन न मिलने के कारण दशहरा नहीं मना सके।