अंबाला। रेल मंडल के राजस्व में लगातार वृद्धि हो रही है। यह वृद्धि ट्रेन में सफर करने वाले अनधिकृत यात्रियाें से तो हो ही रही है लेकिन जनरल टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों से भी रेलवे को राजस्व के तौर पर लाखों रुपये मिल रहे हैं।
पहले जहां प्रतिदिन प्राप्त होने वाले राजस्व का आंकड़ा 25 से 30 लाख के बीच था, वहीं रक्षा बंधन के दिन यह आंकड़ा 50 लाख रुपये के पार पहुंच गया जबकि आने वाले त्योहारों में भी आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है।
अनारक्षित टिकट केंद्र पर लगातार टिकट लेने के लिए 24 घंटे भीड़ लगी रहती है। वहीं, रेलवे ने भी यात्रियों को सुविधा देते हुए अनारक्षित टिकट केंद्र पर पांच की जगह सात टिकट काउंटर खोल दिए हैं।
जानकारी अनुसार स्टेशन पर आने वाले जनरल टिकट यात्रियों की संख्या अब एक लाख पहुंच गई है। यही संख्या पहले 40 से 50 हजार के बीच थी। इसमें अधिकतर श्रमिक श्रेणी के यात्री हैं जो हिमाचल के बद्दी और पंजाब के लालड़ू, डेराबस्सी स्थित फैक्ट्रियों में काम करते हैं और उन्हें सबसे नजदीकी और सुविधाजनक रेलवे स्टेशन अंबाला कैंट ही लगता है।
डिजिटल भुगतान की तरफ कम ध्यान
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के अनारक्षित टिकट केंद्र पर दो काउंटर डिजिटल सुविधा के तहत बनाए गए हैं जिससे यात्री स्कैनर का इस्तेमाल करके टिकट का भुगतान कर सकें लेकिन यूटीएस केंद्र पर आने वाले अधिकतर यात्री नकद टिकट लेकर ही ट्रेन में सफर करना पसंद कर रहे हैं, इसलिए जनरल टिकट की बिक्री में लगातार वृद्धि हो रही है।
बिहार की ट्रेनों में अधिक भीड़
अंबाला कैंट से बिहार की तरफ जाने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस, जननायक एक्सप्रेस और जनसाधारण एक्सप्रेस में सैकड़ों की संख्या में भीड़ उमड़ती है। ऐसे में कई बार यात्री ट्रेन में सवार हो पाते हैं और कई बार भीड़ के कारण ट्रेन में चढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। इसी तरह अंबाला से बरौनी के लिए सप्ताह में दो दिन चलने वाली हरिहर एक्सप्रेस में भी यात्रियों की भीड़ खचाखच भरी रहती है।
ट्रेन में जनरल टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रक्षा बंधन के दिन टिकट बिक्री से रेलवे को 50 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ जोकि अपने आप में एक उपलब्धि है। यात्रियों के लिए यूटीएस पर अतिरिक्त काउंटर भी खोले गए हैं।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला।