आंखों में खुशी लिए एक परिवार के सदस्य अपने भांजे के लिए दुल्हन लाने को निकले थे। परिवार के सदस्यों को नहीं पता था कि उनकी मौत की खबर शायद एक ही परिवार को जिंदगी भर का ऐसा दर्द दे जाएगी, जो कभी नहीं भरेगा। सिविल अस्पताल नारायणगढ़ में एक बार तो ऐसा माहौल बन गया कि हर व्यक्ति गुमसुम खड़ा था, जबकि परिजनों की आंखों से आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे थे। इस हादसे में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हुई। इन में जिस लड़के की शादी थी, उसके दो मामा अभिमन्यु व राजकुमार (सगे भाई), उनके भतीजे अंग्रेज व सोनू सहित काम सिंह व हुकम सिंह शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि नारायणगढ़-सढौरा रोड पर गांव गदौली के निकट हुए हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन बुरी तरह से जख्मी हैं, जिनको चंडीगढ़ रेफर किया गया है। यह सभी गांव मौली में शादी समारोह में आए थे और भांजे की शादी में भात भरने के बाद बारात में शामिल होकर जा रहे थे। इस हादसे में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत ने इस परिवार को इस कदर झकझोर दिया कि सिविल अस्पताल में एक बार तो गुमसुम होकर परिवार के सदस्य बैठ गए। उन्हें यकीन ही नहीं था कि जिन लोगों को हंसी खुशी विदा किया था, वे अब लौटेंगे नहीं। इस परिवार की चीख पुकार से अस्पताल में तैनात डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारियों व लोगों की आंखों में भी आंसू आ गए। लोगों ने परिवार के इन सदस्यों को सांत्वना देने की कोशिश, लेकिन इस परिवार के आंसू नहीं थमे। अस्पताल परिसर में ही एक साथ आठ शव देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
रोड सेफ्टी के नाम पर हो रहीं बैठकें, सड़कों पर जान गंवा रहे लोग
सड़कों पर हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और जिला प्रशासन की तैयारी कागजों तक सीमित है। रोड सेफ्टी के नाम पर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें हो रही हैं, लेकिन हकीकत में रोड सेप्टी को लेकर कुछ भी नहीं है। यही कारण है कि जिले में लगातार हादसे बढ़ रहे हैं, लेकिन इनको रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। कुछ हादसे ऐसे सामने आए हैं, जिसके बावजूद प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।
यह है स्थिति
रोड सेफ्टी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन का सारा ध्यान यातायात नियंत्रित करने पर है, जबकि डेंजर प्वाइंट तय करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इसी को लेकर जिला सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक हर महीने होती है, जिसमें रोड सेफ्टी को लेकर कुछ निर्णय लिए जाते हैं, लेकिन यह निर्णय जमीन में नहीं उतारे जाते। हाइवे पर ही रोड कट लगाए गए हैं, लेकिन इनको बंद नहीं किया जा रहा है। रात के समय तो सड़क से वाहन लेकर आना-जाना ही मुश्किल हो जाता है, जबकि यह स्थिति कई सालों से बनी हुई है। हर बड़े हादसे के बाद पुलिस प्रशासन तेजी दिखाता है, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होती जाती है।
ओवरलोडेड वाहन बन रहे हैं मुसीबत
जिला अंबाला में ओवरलोडेड वाहन जनता के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इसी को लेकर नारायणगढ़, साहा, मुलाना, बराड़ा, शहजादपुर में लोगों ने कई बार प्रशासन को बताया है कि कैसे यह वाहन आम जनता के लिए खतरा बने हुए हैं। इसी को लेकर कई बार लोगों ने जाम तक लगाए हैं, लेकिन बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। यही कारण है कि यह ओवरलोडेड वाहन जनता के लिए परेशानी बने हुए हैं। ऐसे ही हालात स्कूल बसों के हैं, जो न तो नियम पूरे करती हैं, जबकि पैसेंजर वाहनों में ही स्कूली बच्चों को ठूंस ठूंसकर भरा जाता है।
क्या कहती है जनता
रोड सेफ्टी के नाम पर कुछ नहीं किया जाता। चौक चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण तक कार्रवाई है, जबकि कई ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिन पर कार्रवाई होनी चाहिए। ओवरलोडेड टिप्पर, ट्रक, ट्रैक्टर ट्रालियां, क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर चलना तो आम बात हो चुका है, जो लोगों के लिए खतरा है। यह सब प्रशासन की जानकारी में है, लेकिन इच्छा शक्ति का अभाव ही कहेंगे कि ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं।
- आनंद मोहन शुक्ला, समाज सेवी
हाइवे पर तो वाहन लेकर चलना ही खतरे से खाली नहीं है। यदि कोई प्लान बनाया जाता है, तो उसे तेजी से पूरा किया जाए और सख्ती से अमल भी हो। मेरा तो कहना है कि नियम तोड़कर चलने वाले भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस तक पंच होने चाहिए ताकि इनका लाइसेंस ही रद्द हो। जब तक रोड सेफ्टी को लेकर सख्ती नहीं की जाएगी, इस तरह के हादसे होते रहेंगे।
- कर्ण कुमार, समाज सेवी
अंबाला में हुए कुछ बड़े हादसे
- साहा हादसे में चौदह स्कूली बच्चों की हुई थी मौत
- नग्गल थाने के पास हुए हादसे में सात लोगों जान गई थी
- सढौरा रोड पर डंफर से टकराकर कॉलेज की बस पलटी, जिसमें सात की मौत, करीब दर्जन भर जख्मी
- नारायणगढ़-कालाअंब मार्ग पर दस साल पहले हादसे में 10 लोगों की मौत हुई
- अंबाला-दिल्ली हाइवे पर सड़क किनारे खड़े वाहन से टकराकर चार स्टूडेंट्स की मौत हुई
- पंजोखरा रोड पर मैक्सी कैब वाहन से टकराकर अनियंत्रित हो पेड़ से टकराई, चार की हुई थी मौत
- पंजोखरा रोड पर बाइक सवार तीन युवाओं को वाहन ने टक्कर मारी, तीनों की मौत हुई थी
- साहा-शाहाबाद रोड पर हादसे में सोलह बाराती जख्मी हुए
रोड सेफ्टी को लेकर जिला पुलिस काम कर रही है, जबकि डेंजर प्वाइंट पर भी काम किया गया है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी इस पर चर्चा होती है, जबकि इस बैठक में लिए गए निर्णयों पर भी काम किया जाता है। सिटी में पूरी प्लानिंग के साथ काम किया गया है, जबकि पुलिस को निर्देश दिए जाएंगे कि वे यातायात नियंत्रण के साथ रोड सेफ्टी को लेकर भी सख्ती बरतें।
- अभिषेक जोरवाल, एसपी अंबाला