संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) नियम के तहत नर्सरी व कक्षा प्रथम में दाखिले के लिए सीट की संख्या न बताने वाले निजी स्कूलों को बुधवार को जिला मौलिक शिक्षा विभाग ने अपने जवाब लेकर तलब किया। स्कूल संचालकों ने डीईईओ कार्यालय में पहुंचकर लिखित में अपना जवाब दिया। विभाग की ओर पहली से आठवीं कक्षा तक जिले में करीब 71 स्कूलों को नोटिस देकर तलब किया गया था, इनमें से सिर्फ 10 स्कूलों ने ही नोटिस का जवाब दिया। अन्य स्कूलों ने आरटीई नियम के तहत दाखिले देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। विभाग की ओर से स्कूलों को विभाग की ओर से जारी किया गया मान्यता प्रमाणपत्र, ऑनलाइन सबमिट किया गया फार्म-6 और माइनियोरिटी प्रमाणपत्र और लिखित में जवाब लेकर तलब किया।
अमान्यता प्राप्त स्कूलों पर शिकंजा कसने के दिए निर्देश
जिला मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी सीआरसी मुखिया को निर्देश दें कि सूची में शामिल किए अमान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करवाएं। यह पत्र विभाग की ओर से 9 सितंबर को जारी किया गया है। इस पत्र में अंबाला खंड वन के 24, अंबाला खंड टू के 40, बराड़ा के 10, नारायणगढ़ के 4, साहा के 5, शहजादपुर के 3 निजी स्कूल शामिल हैं। अब विभाग की ओर से इन स्कूलों के दस्तावेज को चेक किया जा रहा है।
आरटीई नियम के तहत सीट की संख्या न बताने और दाखिला न देने वाले निजी स्कूलों को नोटिस दिए गए थे। इन स्कूलों को बुधवार को जवाब देने के लिए कार्यालय बुलाया गया था। कुछ ही स्कूलों ने जवाब दिए हैं। जिन स्कूलों ने जवाब नहीं दिए हैं, उन पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।