अंबाला। छावनी रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में घूम रहे 10 बच्चों को आरपीएफ ने संरक्षण में लिया, इनमें से एक बच्चे को जिला युवा विकास संगठन की मदद से परिवार के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि अन्य नौ बच्चों को बाल समिति अध्यक्ष रंजीता सचदेवा के समक्ष पेश करने के बाद छावनी स्थित ओपन शेल्टर होम भेज दिया। आरपीएफ के निरीक्षक रवींद्र सिंह के आदेशानुसार उप निरीक्षक कविता व सहायक उप निरीक्षक हंसराज ने नौ बच्चों को रेस्क्यू किया था। इसके पश्चात कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी व टीम सदस्य हाकम सिंह ने उन्हें अपने संरक्षण में लिया।
बातचीत के दौरान बच्चों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैंं अभी अंबाला में रह रहे हैं। इसी प्रकार दूसरे मामले में प्लेटफॉर्म नंबर एक लगभग 13-14 वर्ष का मिला था। इसे टीम सदस्य हरदीप सिंह व हरविंदर सिंह ने मौके पर पहुंचे अपने संरक्षण में लिया। बातचीत के दौरान बच्चे ने बताया कि दप्पर गांव का रहने वाला है और अपने दोस्तों के साथ रेलवे स्टेशन पर घूमने आया था, उसके दोस्त तो घर चले गए और वहां एक अनजान व्यक्ति उसे ट्रेन में बैठाकर अंबाला ले आया और यहां छोड़ दिया। बच्चे द्वारा बताए गए माता-पिता के नंबर पर जानकारी दी गई। दस्तावेजों की पुष्टि के बाद बच्चे के सुपुर्द कर दिया गया।