सीआईए-1 की कस्टडी में पैंट का फंदा लगाकर आत्महत्या करने वाले छोटा शिवाला के रिंकू का अपराध जगत से काफी नाम चलता था। उस पर 28 संगीन मामलों जिनमें हत्या की कोशिश, लूट, डकैती, घर में लूट के बाद हत्या की कोशिश इत्यादि शामिल हैं। विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। कुल छोटे-बड़े करीब 50 मामले उस पर चल रहे थे। इससे पूर्व भी वह पुलिस कस्टडी और जेल में बंदी के दौरान हाथ की नसें काटकर आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। सुबह के समय शव के पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया लेकिन उसके अंतिम संस्कार तक पुलिस व प्रशासन की सांसें अटकी रही।
दरअसल रिंकू ने क्रिश्चन धर्म अपनाया हुआ था। इसीलिए उसके शव को कब्रिस्तान में दफनाने के लिए ले जाया गया। जब तक शव को नहीं दफनाया गया तब तक पुलिस ने राहत की सांसे नहीं ली। इस दौरान तक कब्रिस्तान में पुलिस का सख्त पहरा रहा। हालात यह थे कि कब्रिस्तान पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका था। भारी संख्या में पुलिस बल किसी भी प्रकार की अनहोनी को टालने के लिए मौके पर मौजूद रहा। इसके बाद शव को पुलिस की मौजूदगी में दफनाया गया जब तक प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि चर्चा इस बात की रही कि शव को दफनाने को लेकर विरोध के चलते पुलिस बल तैनात रहा लेकिन यह मात्र अफवाह रही।