फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिधिमा के बैक स्ट्रॉक का नहीं तोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
जिंदगी कि असली उड़ान बाकी है, जिंदगी के कई इम्तेहान अभी बाकी है, अभी तो नापी है मुट्ठी भर जमीन हमने, अभी तो सारा आसमान बाकी है। यह पंक्तियां खेलो इंडिया में स्वीमिंग प्रतिस्पर्धा में 4 गोल्ड व एक सिल्वर मेडल लेने वाली रिधिमा विरेंद्र कुमार पर बिल्कुल सटीक बैठती है। रिधिमा दो बार बैक स्ट्रोक इवेंट में नेशनल रिकॉर्ड ब्रेक कर चुकी है। 23 जून को बूडापेस्ट में होनी वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए चयनित होने वाली रिधिमा इंडिया में पहली लड़की है। इसके अलावा तीन लड़के चयनित किए है। रिधिमा की मानें तो अब तो केवल उसी दिन का इंतजार है जब वह ओलंपिक में गोल्ड लाकर पूरे देशभर में इंडिया का नाम रोशन करेगी। रिधिमा की मानें तो स्वीमिंग की शुरूआत में कभी सोचा भी नहीं था कि इस मुकाम मेें हासिल करूंगा। जैसे-जैसे गेम्स को समझा तो ठान लिया कि अपने इवेंट में किसी के पीछे नहीं बल्कि सबसे आगे खड़ी रहूंगी।
विज्ञापन

खेलो इंडिया यूथ गेम्स में स्वीमिंग प्रतिस्पर्धा में कर्नाटक की अपेक्षा ने कुछ छह मेडल हासिल किए। एक के बाद एक गेम्स में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली अपेक्षा के परिजन खुशी के झूम उठे। बाप संतोष पाटिल व मां सांतला भट्ठ का कहना है कि उनकी बेटी ने उनके सपने को पूरा कर दिखाया। कड़ी मेहनत की बदौलत मेडलों की झड़ी लगा दी। बेटी का सपना अब केवल ओलंपिक ही है और वो भी अपनी बेटी को वहां पर पदक जीतने के बाद इंडिया का झंडा फहराते हुए देखना चाहते हैं। बताया जाता है कि अपेक्षा को छोटी उम्र में मजाक-मजाक में ही स्वीमिंग शुरू करवा दी थी लेकिन पूल में उतरते ही अपेक्षा इस कदर गेम में रम गई कि आज चैंपियन की श्रेणी में आ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें