अंबाला। हाईकोर्ट में अतिक्रमण के खिलाफ चल रही मामले की सुनवाई अब 29 जनवरी 2025 को होगी। हरियाणा सरकार के राजस्व सचिव की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से दी गई जानकारी के आधार पर हाईकोर्ट ने समय दिया है ताकि आगामी सुनवाई के दौरान इस मामले में फैसला किया जा सके।
सुनवाई के दौरान राजस्व विभाग के सचिव ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार संयुक्त कमेटी के साथ बैठक करने का प्रयास किया गया। जोकि किसी कारणवश नहीं हो पाई। लेकिन 10 से 15 दिन में बैठक करके इस समस्या के समाधान का फैसला किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने भी सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह संयुक्त कमेटी के अधीन इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला लें। जिससे कि आगामी कार्यवाही की जा सके। हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले संयुक्त कमेटी द्वारा किए गए फैसले की जानकारी सरकार को भी दी जाएगी ताकि मामले की जनहित में पुरजोर पैरवी की जा सके।
दरअसल सदर क्षेत्र में 6469 कब्जाधारियों द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए कब्जे की बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार की तरफ से राजस्व विभाग के सचिव सहित अन्य विभागीय अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा । पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि सरकार के उच्च अधिकारी पेश हों और अपना पक्ष रखें।
हालांकि पिछली सुनवाई के दौरान संपदा अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने असंतोष जाहिर किया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव तथा शहरी निकाय विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव को अगली सुनवाई पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से या व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए थे।
यह मामला वर्ष 1999 से संबंधित है और इस मामले की सुनवाई चल रही है। जबकि प्रतिवादी के वकील ने तर्क दिया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई काफी धीमी चल रही है, इसलिए मामला बार-बार स्थगित हो रहा है। 17 नवंबर 2023 तक इस मामले की सात बार सुनवाई हो चुकी है और अब भी लगभग एक वर्ष की अवधि बीत चुकी है।
यह है मामला
वर्ष 1977 में भारत सरकार की ओर से अंबाला छावनी में कुल 1066 एकड़ भूमि को अंबाला कैंटोनमेंट से हटा कर हरियाणा सरकार और नगर परिषद अंबाला सदर को भूमि स्थानांतरित की गई थी। उक्त भूमि में से काफी भूमि लोगों को रहने के लिए ओल्ड ग्रांट और लीज ग्रांट पर दी गई थी। इस पर समय बीतने के साथ-2 काफी लोगों ने उपरोक्त के अतिरिक्त खाली पड़ी भूमि पर भवन बना कर स्थाई कब्जा कर लिया।