संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। एसबीआई के सेवानिवृत्त एजीएम सिटी के अर्बन स्टेट निवासी प्रदीप गुप्ता को साइबर ठगों ने दो दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर 14.50 लाख रुपये ठग लिए। इन ठगों ने बुजुर्ग प्रदीप को वीडियो कॉल कर उनके आधार कार्ड और खातों की आतंकवादी संगठनों से संलिप्तता होने की बात कही। कहा कि खातों में काफी लेनदेन हो रखा है, फिर फर्जी आईजी व एनआईए का चीफ बनकर उन्हें डराया और उक्त राशि अपने खातों में डलवा ली।
जब आरोपियों ने दोबारा रुपये मांगे तो वह 16 लाख रुपये निकलवाने के लिए बैंक गए और वहां के प्रबंधक को आपबीती बताई, तब धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। साइबर थाना पुलिस ने बीएनएस में गलत तरीके से कैद करने की धारा 127(2), जबरन वसूली 308(2), धोखाधड़ी 318(4), जालसाजी 336(3) आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पत्नी के मोबाइल पर आरोपियों ने भेजे फर्जी दस्तावेज : पीड़ित प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पत्नी रश्मी के मोबाइल पर आरोपियों ने गिरफ्तारी, आरबीआई लीगल मनी वेरिफिकेशन के फेक नोटिस भेजे। दोनों को ही डिजिटल अरेस्ट करके बोले कि जब उनकी जांच चल रही है तो वह घर से बाहर नहीं जा सकते, साथ ही फोन भी नहीं कर सकते। आपकी बात एनआईए के चीफ से करवाते हैं। अगर आप सीनियर सिटीजन है तो नाम हटवाने के लिए पूरे परिवार के खातों का नंबर देना होगा। डरने पर आरोपियों को सारी जानकारी दे दी। खाते में पड़े 14 लाख रुपये की जानकारी दी तो आरोपी बोले कि वह सभी खातों की जांच करेंगे। इस तरह आरोपियों द्वारा जांच के लिए रुपये मांगने पर उनके द्वारा दिए गए खातों में 14.50 लाख रुपये की राशि डलवा दी।
कोई संलिप्ता न होने का प्रमाणपत्र देने की एवज में की ठगी : पीड़ित प्रदीप गुप्ता ने बताया कि साइबर ठगों ने फिर पत्नी व बेटी के खाते में डले हुए 15 लाख रुपये भी देने के लिए कहा। बोले कि 17 सितंबर को बैंक में जाकर वह हमारे खाते में डाल दो तो हम पहले मंगवाए गए 14.50 लाख रुपये आपको लौटा देंगे, साथ ही आतंकवादियों से कोई संलिप्तता न होने का प्रमाणपत्र दे देंगे। वह 17 सितंबर को सिटी के कचहरी रोड स्थित एसबीआई की शाखा में गए तो बैंक के मुख्य प्रबंधक राहुल कपूर के केबिन में बातचीत शुरू हुई। बैंक प्रबंधक ने पहले खाते से निकाले 14.50 लाख रुपये के बारे में पूछा तो उन्हें पूरी आपबीती बताई। तब धोखाधड़ी का पता चला।