अंबाला। कोरोना के मामलों में कमी होते ही रेलवे फिर से व्यवस्थाएं बनाने में जुट गया है। जनवरी माह में कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के बाद रेलवे कर्मचारियों का प्रशिक्षण रोक दिया गया था। इसे सात फरवरी से शुरू किया जा रहा है। इस संबंध में उत्तर रेलवे मुख्यालय की तरफ से मंडल प्रबंधकों को पत्र भेजा गया है, ताकि पदोन्नति प्राप्त कर्मचारी सही समय पर प्रशिक्षण प्राप्त कर निर्धारित ड्यूटी कर सकें। गौरतलब है कि उत्तर रेलवे का प्रशिक्षण केंद्र यानी रेल प्रशिक्षण संस्थान केंद्र चंदौसी में है।
स्टेशन मास्टर को पदोन्नति के लिए 90 दिन का प्रशिक्षण लेना होता है। अभी 41 दिन का प्रशिक्षण लंबित है। स्टेशन मास्टर के लिए प्रशिक्षण सात फरवरी से शुरू हो जाएगा। इसी प्रकार गुड्स ट्रेन मैनेजर के लिए 50 दिन और ट्रैक मशीन ऑपरेटर का 18 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी सात फरवरी से होगा। वहीं कमर्शियल/टिकट क्लर्क और कमर्शियल/टिकट क्लर्क एवं सीएमआई के लंबित 30 और 36 दिन का प्रशिक्षण आठ फरवरी से शुरू होगा।
कोरोना रिपोर्ट होगी जरूरी
आदेशों के तहत विभागीय अधिकारी अजय कुमार पाठक ने बताया कि प्रशिक्षण केंद्र में आने वाले रेलवे कर्मचारियों व अन्य सहभागियों को सख्ती से कोविड नियमों का पालन करना पड़ेगा। 50 प्रतिशत रोस्टर के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि सामाजिक दूरी का पालन हो सके। इसके लिए बाकायदा कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है जो व्यवस्थाएं बनाने में सहयोग करेंगे। इस दौरान कर्मचारियों के कोविड टीकाकरण की जानकारी सहित रेपिड एंटीजन टेस्ट भी करवाया जाएगा। आरटी-पीसीआर रिपोर्ट कर्मचारी को साथ रखनी होगी।
दो हजार कर्मचारी पदोन्नति के साथ प्राप्त कर रहे प्रशिक्षण
उत्तरीय रेलवे कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी यादराम उपाध्याय ने बताया कि अलग-अलग श्रेणी की लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण रेलवे कर्मचारियों को पदोन्नति के तहत प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। अंबाला रेल मंडल में भी करीब दो हजार कर्मचारी चंदौसी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें नया पद्नाम और कार्यभार मिलेगा।