अंबाला सिटी। शहर के नालों की सफाई को लेकर राजनीति गरमा रही है। बीते मंगलवार को सेक्टर-7 रेसिडेंट्स सोशल एवं कल्चरल वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान और मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा एडवोकेट और निगम के डिप्टी मेयर राजेश मेहता और कांग्रेस पार्षदों ने ज्ञापन सौंपा था। बुधवार को नगर निगम के डिप्टी मेयर पर जनता को गुमराह कर झूठी वाहवाही लूटने के आरोप लगे। इसको लेकर नगर निगम के भाजपा पार्षद प्रतिनिधि गुरप्रीत सिंह शाना ने प्रैसवार्ता की।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को नगर निगम के डिप्टी मेयर राजेश मेहता और अन्य कांग्रेसी पार्षदों ने निगम आयुक्त को ज्ञापन देकर निविदा लगाकर शहर के नालों की सफाई करवाने की मांग की थी, लेकिन डिप्टी मेयर के पद पर बैठे राजेश मेहता को यह नहीं पता कि जिस निविदा की वह मांग कर रहे हैं, वह पहले ही लगाई जा चुकी है।
शाना ने कहा कि डिप्टी मेयर शहर की जनता को गुमराह कर रहे हैं। झूठी वाहवाही बटोरने के लिए वह ऐसे कार्य कर रहे हैं, जबकि उन्हें निगम में हो रहे कार्यों की ही जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि जिन नालों की सफाई की निविदा लगाने की मांग डिप्टी मेयर ने की है, उनकी निविदा 22 मई को ही लगा दी गई थी, जोकि 30 मई को खोली जाएगी।
उन्होंने कहा कि डिप्टी मेयर राजेश मेहता को निगम में रहते हुए भी अगर इस बात की जानकारी नहीं है कि निगम में क्या हो रहा है तो उन्हें पद पर बने रहने का भी कोई अधिकार नहीं है। शहर के विधायक और हरियाणा सरकार में राज्य मंत्री असीम गोयल को अंबाला की बेहद चिंता है।
उन्होंने अंबाला की चिंता करते हुए चुनावों के दौरान ही विशेष अनुमति लेकर नालों की सफाई की निविदा लगवाने के निर्देश निगम आयुक्त को दिए थे। शाना ने डिप्टी मेयर राजेश मेहता से सवाल पूछते हुए कहा कि डिप्टी मेयर जनता को बताएं कि उन्होंने अंबाला के लिए और अपने वार्ड के लिए क्या किया है?