अंबाला। पीड़ित महिलाओं और जरूरतमंद लोगों के लिए विश्व मानवाधिकार परिषद मसीहा की तरह काम कर रहा है। पिछले दो साल से संगठन समाजसेवा कार्य में जुटा है। परिषद पॉक्सो, दुष्कर्म, उत्पीड़न, ठगी और जमीन की धोखाधड़ी जैसे केस में लोगों की मदद कर इंसाफ दिला रहा है।
यही नहीं जरूरतमंद बच्चों की फीस देने और स्टेशनरी उपलब्ध करवाने में भी परिषद सदस्य आगे हैं। अंबाला से विश्व मानवाधिकार परिषद महिला सेल की हरियाणा महासचिव पूजा गोयल हैं। उनके नेतृत्व में 10 से 15 लोगों की टीम कार्य करती है।
लोगों को न्याय दिलाना उद्देश्य : पूजा गोयल
विश्व मानवाधिकार परिषद महिला सेल की हरियाणा महासचिव पूजा गोयल ने बताया कि वह परिषद से दो साल से जुड़ी है। खास तौर पर वह पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए काम करती है। जैसे दुष्कर्म, उत्पीड़न, ठगी, जमीन की धोखाधड़ी सहित अन्य केस उनके पास आते हैं तो वह उन केस में दोनों पक्षों के साथ बातचीत कर पूरी पड़ताल करते हैं। उसके बाद उनको न्याय दिलाने के लिए आगे बढ़ते हैं। परिषद कूड़ा बीनने वाली महिलाओं और घरों में काम करने वाली महिलाओं के लिए काम करती है।
विद्यार्थियों के लिए बनाया किताब बैंक
पूजा गोयल ने बताया कि वह मां की पाठशाला से चार साल से जुड़ी हैं। पाठशाला में पितृ दिवस पर बच्चों को किताबें, स्टेशनरी बांटी जाती है। बटरफ्लाई संस्था के साथ मिलकर एक किताबों का बैंक भी बनाया गया है ताकि जरूरतमंद विद्यार्थियों को निशुल्क किताबों उपलब्ध कराई जा सकें। वह मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। उन्होंने बताया कि आज कल पॉक्सो के केस सामने आते हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि अपने बच्चों के साथ उनको समय बिताना चाहिए। परिषद जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस भी भरती है।