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चार दिन में 162 एमएम बारिश, टोल फ्री नंबर मंगलवार को आई 124 शिकायतें

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पावर आउस कॉलोनी से पानी निकालने के लिए ट्रक में पंप सेट रखकर पानी निकालते कर्मचारी - फोटो : AMBALA
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अंबाला। जिले में वीरवार से सोमवार रात तक हुई बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। आलम यह है कि कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मंगलवार को भी आसमान में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी होती रही। इस दौरान 34.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं सोमवार सुबह तक जिले में 128 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। प्रशासन की ओर से बाढ़ संबंधित शिकायतें दर्ज करवाने और उनके समाधान के लिए जारी टोल-फ्री नंबर से समस्याओं का हल नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों में रोष है। तीन दिन में टोल फ्री नंबर पर 196 शिकायतें आईं। वहीं मंगलवार को एक ही दिन में सुबह 7 बजे से शाम करीब 5 बजे तक 124 शिकायतें दर्ज हुईं। शहर व निकटवर्ती गांव निवासी लोगों ने आरोप लगाया कि टोल-फ्री नंबर पर तीन से चार बार करने पर ही फोन उठाता है। वहीं लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी फोन करने पर वह भी फोन उठाने से परहेज करते हैं। वहीं टोल-फ्री नंबर पर आने वाली शिकायतों के समाधान के लिए इरिगेशन डिपार्टमेंट, बीडीपीओ, पब्लिक हेल्थ व रिवेन्यू डिपार्टमेंट को सूचना दी जाती है।
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सब्जियां को भारी नुकसान, किसानों ने डीसी से लगाई गुहार
धूलकोट स्थित बीबीएमबी कॉलोनी और कार्यालय पानी से तीसरे दिन भी डूबी रही। इसके अलावा शहर के मनमनोहन नगर, सुल्तानपुर, मानकपुर, देवी नगर, डंगडेहरी, धुरकड़ा, जड़ौत रोड व अन्य गांवों से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। दूसरी ओर किसानों की फसलें भी डूब चुकी हैं। सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़ी मक्का, मूंग, ज्वार व सब्जियों की फसलों को बारिश के पानी में डूबता देख सैकड़ों किसान मंगलवार को डीसी दरबार पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। किसानों ने कहा कि उनके पास न तो पशुओं को खिलाने के लिए अब हरा चारा रहा और न ही उन्हें बिठाने की जगह बची। किसानों ने मदद के लिए डीसी के नाम सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। वहीं रेलवे अंडरपास के लिए कई फुट गहरी खोदी गई जमीन भी खिसकने के कारण कई दुकानों में दरारें आ गईं। वहीं दुकानों के आगे से अब जमीन खिसकने के कारण दुकानदार डर के साये में हैं। निकटवर्ती गांव पट्टी जटां में हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोगों के घर पानी में पूरी तरह डूबने के कारण उन्हें मवेशियों सहित सड़कों किनारे बसेरा बनाना पड़ रहा है।
धूलकोट पावर हाउस से पानी निकाल रहे कर्मचारी
धूलकोट स्थित पावर हाउस कॉलोनी का सबसे ज्यादा बुरा हाल है। पावर हाउस कॉलोनी, गेस्ट हाउस व गोदाम में रविवार रात करीब पांच फुट तक पानी भर गया, जिसे निकालने के लिए सोमवार सुबह कर्मचारियों ने यहां पंप सेट लगाया, लेकिन पानी इतना ज्यादा जमा होने के कारण अभी पूरी तरह पानी निकाला नहीं गया था।
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पंप लगाकर हाईवे पर छोड़ा पानी
पावर हाउस कॉलोनी में कई फुट गहरे पानी के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया, जिस कारण लोगों को ट्रक व ट्रैक्टरों की मदद से बाहर निकाला गया। कई लोगों ने अपने वाहनों की मदद से घर से बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन उनमें भी पानी जाने पर वह बद पड़ गए। पूरे दिन यहां दो से तीन पंप लगाकर हाईवे व हाईवे किनारे बने नालों में पानी छोड़ा गया, लेकिन पानी इतना ज्यादा है कि शाम तक राहत नहीं मिली है।
बीबीएमबी चेयरमैन ने किया निरीक्षण
बीबीएमबी चेयरमैन डीके शर्मा ने मंगलवार सुबह धूलकोट में बनी भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की कॉलोनी और ऑफिस, गोदाम की बदतर हालत की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अंबाला पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ जैसे हालात में फंसे लोगों और कर्मचारियों का हौसला बढ़ाते हुए रेस्क्यू के लिए उचित निर्देश दिए।
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड कॉलोनी में बारिश का पानी आने की सूचना मिली। पानी को निकालने के लिए पंप सेट लगाए गए हैं। कर्मचारियों का हौसला बढ़ाते हुए रेस्क्यू के लिए उचित निर्देश दिए गए हैं।
- डीके शर्मा, चेयरमैन, बीबीएमबी।
बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए टोल-फ्री नंबर जारी किया हुआ है। उस पर अभी तक काफी शिकायतें आ गई हैं। यहां आने वाली शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभाग को सूचना दे दी जाती है। समस्याओं का समय रहते समाधान करवाया जा रहा है।
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- कैप्टन विनोद शर्मा, डीआरओ।
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