बरसात के साथ ही मंगलवार को सर्दी ने भी दस्तक दे दी। पूरे दिन जिले में रुक-रुककर बारिश होती रही। 22 एमएम बरसात के कारण पारे में भारी गिरावट आई। कई जगह ओले भी पड़े। इसका सीधा नुकसान सब्जी की फसलों को होने की बात कही जा रही है। उधर बरसात के कारण किसान मंडियों में भी धान की फसल को बचाने की कसरत करते थे। इसके बावजूद कई जगह फसल पानी की वजह से गीली हो गई।
दस बजे से शुरू हुई थी बारिश
मंगलवार सुबह दस बजे बरसात शुरू हुई थी। पूरे दिन बरसात का सिलसिला चलता रहा। रात दस बजे तक बूंदाबांदी होती रही। कई कॉलोनियों में जलभराव हो गया। बड़ी दिक्कत उन किसानों को हुई जिनकी धान की फसल अभी तक बिकने के लिए मंडियों में पड़ी है। तिरपालों के जरिए किसान अपनी फसल को भीगने से बचाने की कसरत करते रहे।
कई जगह बिजली आपूर्ति ठप
बरसात की वजह से दिनभर कई कॉलोनियों में बिजली की आपूर्ति ठप रही। कई घंटे बिजली बाधित होने से लोग परेशान रहे। खासतौर पर जिनके बिजली आधारित कारोबार हैं उन्हें ज्यादा परेशानी हुई।
स्मॉग से मिली राहत
दिवाली के बाद से ही ट्विन सिटी में स्मॉग की वजह से लोगों को दिक्कत हो रही थी। पटाखों व कूड़े की वजह से प्रदूषित वातावरण भी साफ हो गया। क्योंकि स्मॉग की वजह से पिछले कई दिन से यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। लोगों को प्रदूषित वातावरण की वजह से सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। काफी हद तक लोगों को अब इससे राहत मिल जाएगी।