निजी बसों को परमिट देने के विरोध में सोमवार को अंबाला सिटी और नारायणगढ़ में रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की नई रोडवेज पालिसी का विरोध लगातार जारी रहेगा।
अंबाला डिपो में दो घंटे का धरना प्रदर्शन किया गया जिसकी संयुक्त अध्यक्षता प्रधान रमेश श्योकंद व सरबजीत सिंह ने की, जबकि संचालन महावीर पाई व रणधीर सिंह ने किया। इस मौके पर तालमेल कमेटी के वरिष्ठ नेता इंद्र सिंह बधाना व आजाद गिल ने कहा कि सरकार लगातार किये जा रहे अपने समझौते से मुकर रही है और रोडवेज का निजीकरण करने के लिए नये-नये रास्ते निकाल रहे हैं जिससे कर्मचारियों में रोष है।
उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारी किसी भी सूरत में निजीकरण को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार बार बार कोर्ट में जो शपथ पत्र दे रही है उससे प्रतीत होता है कि सरकार निजी बसों को परमिट देना चाह रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपने समझौते को लागू नहीं करती तो आने वाली 18 जून को परिवहन मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। यदि फिर भी सरकार नहीं जागी, तो 9 जुलाई को मुख्यमंत्री कैंप का घेराव होगा। यदि इस बीच किसी भी डिपो में प्राइवेट बस चलाने की कोशिश की तो उस डिपो के कर्मचारी उसी समय अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
उधर, नारायणगढ़ में रोडवेज कर्मियों ने बस स्टैंड पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। राज्य परिवहन कर्मचारी संघ शाखा नारायणगढ़ के प्रधान अजैब सिंह जटवाड़ ने कहा कि सरकार की दोगली नीति के खिलाफ दो घंटे चक्का जाम किया गया। उन्होंने सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने यूनियन के पदाधिकारियों के साथ हुई बातचीत में निजी बसों को परमिट न देने का वायदा किया था परन्तु सरकार अपने इस वायदे से मुकर गई। यूनियन प्रधान ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया तो प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
इस मौके पर महिपाल राणा, जयपाल, सतीश बख्शी, राजेन्द्र पटवी, अमित कुमार, लगा राम, जय सिंह, सतपाल धीमान, शमशेर सैनी, सुनील कुमार, श्याम लाल, बहादुर सिंह, प्रवेश, राजेश, हरमिंद्र सैनी, राम नाथ शर्मा, संजीव सैनी, सुरेश सैनी सहित अनेकों कर्मचारी उपस्थित रहे।