जिला में ट्रिपलिंग और बिना हेल्मेट के वाहन चलाना युवाओं का टशन बनता जा रहा है, जबकि तमाम कोशिशों के बावजूद इस पर रोक नहीं लग पाई है। हालात यह हैं रोजाना करीब 200 चालान हो रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हो रहा है, जबकि पार्किंग व्यवस्था भी बदहाल हो चुकी है।
पुलिस की तमाम कोशिशें यातायात नियमों की पालन करवाने में नाकाम साबित हो रही हैं। जिला भर में पुलिस का दावा है कि यातायात नियमों की पालना करवाई जा रही है, लेकिन बिना हेल्मेट के दोपहिया वाहन लेकर युवा घूम रहे हैं। अब तक पुलिस की कार्रवाई के दौरान कईं बार हादसे हो चुके हैं, जब बिना हेल्मेट पहने वाहन चालकों को रोकने की कोशिश की गई। कैंट के सदर बाजार चौक पर जहां ट्रेफिक पुलिस का बूथ है, वहीं गीता गोपाल चौक पर भी पुलिस चालान काटती है। लेकिन बिना हेल्मेट के आने वाले वाहन चालक पुलिस को देख अपना रास्ता बदल रहे हैं। हेल्मेट विक्रेता यश गुप्ता, राज किशोर का कहना है कि हेल्मेट की बिक्री काफी कम होती है, जबकि कईं तो ऐसे हैं, जो पुराना हेल्मेट लेकर ही उसे रिपेयर करवाने आते हैं। ऐसे हेल्मेट की हालत ऐसी होती है कि हल्की सी चोट इसे तोड़ सकती है। दूसरी ओर पुलिस की ओर से रोजाना 150-250 तक चालान किए जा रहे हैं, लेकिन हालात में बदलाव नहीं आ रहा है। आलम यह है कि हर चौराहे पर पुलिस खड़ी होने के बावजूद बिना हेल्मेट के वाहन लेकर लोग घूम रहे हैं।
उधर, ट्रेफिक नियमों के तहत बाजारों में पार्किंग व्यवस्था भी फेल हो चुकी है। पुलिस द्वारा शुरु किए गए पोस्टल चालान का भी कोई असर होता नहीं दिख रहा है। क्रेन के माध्यम से भी कैंट में बेतरतीब खड़े वाहनों को उठाया जा रहा है, लेकिन पार्किंग की बिगड़ी व्यवस्था से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। डीएसपी ट्रेफिक प्रमोद कुमार का कहना है कि पुलिस लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है, जबकि जनता को भी अपने बारे में सोचना होगा। रही बात ट्रेफिक अव्यवस्था की, तो उसमें अब और सख्ती की जाएगी।