अंबाला सिटी। जाति प्रमाणपत्र में मेघवाल शब्द के विकल्प पर भीम आर्मी का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को अंबाला शहर की अनाज मंडी में भीम आर्मी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस फैसले पर कड़ा रोष जताया।
भीम आर्मी के पदाधिकारियों का कहना है कि जाति का नाम मेघवाल करने का फैसला सीधे तौर पर उनकी सामाजिक पहचान से जुड़ा हुआ संवेदनशील मुद्दा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि समाज की ओर से कभी भी नाम बदलने या नया विकल्प जोड़ने की कोई मांग नहीं की गई थी। बिना मांग के इस तरह का बदलाव थोपना समाज को कतई मंजूर नहीं है।
सीएम के दिए बयान के बाद बढ़ा विवाद : यह पूरा विवाद सीएम सैनी के बावल में दिए गए एक बयान के बाद शुरू हुआ। हालांकि, सरकार की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि यह फैसला जाति प्रमाणपत्र में केवल नाम चुनने के एक विकल्प के तौर पर पेश किया गया है। भीम आर्मी का आरोप है कि यह फैसला समाज की ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान को प्रभावित करता है।
भीम आर्मी ने प्रदेश सरकार से पूरे मामले में तुरंत स्थिति स्पष्ट करने और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।