मुलाना। मुलाना क्षेत्र में बुधवार रात मारकंडा नदी का जलस्तर अचानक उछलकर 9.3 फीट की ऊंचाई के साथ 44,800 क्यूसेक पर पहुंच गया। नदी उफान पर होने के कारण तटीय खेतों में जलभराव हो गया, जिससे दर्जनों एकड़ में खड़ी फसलों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
इस उफान ने बीते 11 जुलाई को दर्ज 43,000 क्यूसेक और 9.2 फीट के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। नदी के अचानक आए इस विकराल स्वरूप को देखते हुए सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया। विभाग की टीमें पूरी रात मुस्तैद रहीं और स्थिति पर पल-पल नजर बनाए रखी।
हालांकि पहाड़ों में बारिश थमने के बाद वीरवार तड़के से ही मारकंडा का जलस्तर घटने लगा। सिंचाई विभाग के अनुसार, सुबह 11 बजे नदी का स्तर घटकर 6.5 फीट (24,000 क्यूसेक) रह गया, जो शाम 5 बजे तक और गिरकर 5.5 फीट (18,300 क्यूसेक) पर आ गया। कैचमेंट एरिया यानी काला आंब क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने से मुलाना और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा टल गया है।