नारायणगढ़। नई अनाज मंडी में चल रही श्रीराम रसा अमृत कथा के अंतिम दिन पदम् भूषण अलंकृत वात्सल्य मूर्ति पूज्य दीदी मां साध्वी ऋतंभरा ने श्रद्धालुओं को जीवन के मूल्यों और भक्ति के महत्व का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि हम अपनी जड़ों से अलग होकर आगे नहीं बढ़ सकते। हरि को भजने से ही हरि की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने कर्मों में निष्ठा और मन में भक्ति रखता है, तभी सच्चे अर्थों में वह जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहां सभी लोग मिलजुलकर रहते हैं। यही हमारी असली पहचान है। दीदी मां ने कहा कि व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। जहां सद्भावना होती है, वहां संपन्नता अपने आप आती है। समाज को आज सबसे अधिक सद्भावना की आवश्यकता है। दीदी मां ने कहा कि राम जी हनुमान जी के सीने में वास करते हैं और जो अपने भीतर राम को ढूंढ लेता है, वही सच्चा भक्त है। कथा के यजमान मदन चानना, राजेश बतौरा और वासु अग्रवाल रहे। कथा श्रवण के लिए विशेष रूप से पहुंचे हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त नीता खेड़ा, अंबाला नगर निगम की मेयर शैलजा सचदेवा, पार्षद संदीप सचदेवा आदि गणमान्य उपस्थित रहे।