सुनीता और उनके पति अशोक को वर्ष 2015 में विचार आया कि क्यों न वह मशरूम से मिठाई बनाएं जो लाेगों को स्वस्थ भी रखे। ऐसे उन्होंने एक स्टार्टअप शुरू किया। एचएयू के एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेशन सेंटर से ट्रेनिंग भी ली और आज वह 12 किस्मों के मशरूम से मिठाई बनाते हैं। जिसमें मशरूम की जलेबी, मशरूम के लड्डू, बर्फी, कलाकंद, मशरूम के रसगुल्ला आदि शामिल हैं। उनकी जींद में दो स्थानों पर दुकानें भी हैं जहां से देश विदेश में मशरूम जाता है। इससे पहले भी सुनीता को राज्यपाल सम्मानित कर चुके हैं। वह एग्री समिट में भी अपना हुनर दिखा चुकी हैं।