- वर्ष 2002 की मतदाता सूची को आधार मानकर वर्ष 2024 की मतदाता सूची से कर रहे मिलान
माई सिटी रिपोर्टर,
अंबाला। जिले में 23 वर्ष बाद मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) शुरू कर दी गई है। एसआईआर की प्रारंभिक प्रक्रिया के तहत निर्वाचन विभाग वर्ष 2022 की मतदाता सूची को आधार मानते हुए वर्ष 2024 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है। एसआईआर के प्रारंभिक कार्यों में निर्वाचन विभाग ने सभी बीएलओ की ड्यूटी लगा दी है, जो घर-घर जाकर मैपिंग करने का काम कर रहे हैं।
यह बीएलओ रोजाना कैंट स्थित निर्वाचन कार्यालय को रिपोर्ट करते हैं, उस आधार पर डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को अभी से शुरू करने से काफी स्तर पर मतदाता सूची का मिलान का कार्य हो जाएगा। मिलान के बाद जो कमियां सामने आएंगी, उन मतदाताओं से आवेदन लेकर उस प्रक्रिया को किया जाएगा।
50 प्रतिशत मैपिंग का कार्य पूरा
एसआईआर के तहत अंबाला जिले में वर्ष 2002 से वर्ष 2024 की सूची के आधार पर मतदाताओं की मैपिंग का कार्य 50 प्रतिशत हो चुका है। इसमें इन मतदाता सूची के अलावा उनके वंश के लोगों की भी मैपिंग की जा रही है। जिससे एक ही परिवार में मौजूद मतदाताओं के पूरे वंशावली का सत्यापन हो सकेगा और निर्वाचन विभाग भी स्पष्ट रहेगा कि मतदाताओं की सही स्थिति क्या है। निर्वाचन तहसीलदार गुलशन शर्मा ने बताया कि अभी एसआईआर में प्रारंभिक स्तर पर काम चल रहा है। जो महिलाएं शादी कर हरियाणा में आ गईं हैं उनके माता पिता के रिकॉर्ड से उसका मिलान किया जाएगा।
अभी हरियाणा का ही डाटा जारी
हरियाणा में रहने वाले बहुत से मतदाता ऐसे भी हैं जिनके परिजन अन्य राज्यों में रहते हैं या जाकर बस गए। ऐसे लोगों का डाटा आने वाले समय में मिलान किया जाएगा। क्योंकि अभी निर्वाचन विभाग ने एसआईआर की प्रारंभिक प्रक्रिया के तहत हरियाणा का डाटा ही उपलब्ध कराया है। इसके आधार पर मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। आने वाले समय में अन्य राज्यों का भी डाटा खोल दिया जाएगा जिससे मतदाताओं की पहचान करना आसान होगा।
एसआईआर में मैपिंग की प्रारंभिक स्थिति
विधानसभा- मैपिंग प्रतिशत
नारायणगढ़- 63.87
अंबाला कैंट- 34.70
अंबाला सिटी- 41.10
मुलाना- 64.06
कुल- 50.33