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पीपीपी में गड़बड़ी : किसी का कटा राशन कार्ड, किसी की रुकी बुढ़ापा पेंशन

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राधा रानी।
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समाधान शिविर में सीईओ गगनदीप ने सुनीं लोगों की समस्याएं
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संवाद न्यूज एजेंसी

अंबाला सिटी। उपायुक्त कार्यालय में वीरवार को आयोजित समाधान शिविर में सरकारी सिस्टम की खामियों का दर्द छलका। शिविर में सीईओ गगनदीप ने लोगों की समस्याएं सुनीं। जहां अधिकतर मामले परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में गलत आय दर्ज होने और बिजली मीटरों की गलत टैगिंग से जुड़े रहे। सीईओ ने निर्देश दिए कि विभाग शिकायतों को लटकाने के बजाय प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं।


केस 1

आय 3 लाख दिखाई, राशन कार्ड कटा

अंबाला छावनी के महेश नगर से आए गोल्डी ने बताया कि उनकी मां पिंकी गृहिणी हैं। पीपीपी में मां की आय 3 लाख रुपये दर्शा दी गई है। इस कारण उनका राशन कार्ड कट गया है। शिविर में उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन समाधान के लिए 2 महीने का इंतजार करने को कहा गया है।
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बुजुर्ग के खाते में जोड़ दिए दूसरों के 5 बिजली मीटर

महावीर नगर के 70 वर्षीय कृष्ण लाल की परेशानी सबसे अलग थी। बिजली विभाग ने उनके पीपीपी में 5 अन्य लोगों के मीटर जोड़ दिए जिससे उनकी सालाना आय 5 लाख हो गई और बुढ़ापा पेंशन कट गई। अब बिजली विभाग नो डाटा फाउंड कह रहा है जबकि बुजुर्ग का आरोप है कि क्रिड विभाग की लापरवाही से उन्हें पेंशन के लिए भटकना पड़ रहा है।


केस 3

विधवा पेंशन ज्यादा आय दिखाने से कटी

सेक्टर-9 निवासी राधा रानी ने बताया कि उनके घर में कोई कमाने वाला नहीं है। वह विधवा पेंशन पर आश्रित हैं, लेकिन फैमिली आईडी में ज्यादा इनकम दिखाने के कारण उनकी पेंशन भी काट दी गई है। प्रशासन ने उन्हें भी 2 महीने बाद आय खुद कम होने का भरोसा देकर भेज दिया।
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केस 4

पंप ऑपरेटर के 44 हजार बकाया

गांव मेहला निवासी छगू राम ने अपनी मेहनत की कमाई के लिए गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि जनवरी 2018 से वह पंप ऑपरेटर थे, लेकिन वेतन बढ़ते ही पूर्व सरपंच ने उन्हें हटाकर अपने भाई को लगवा दिया। छगू राम के 84,612 रुपये बकाया थे, जिनमें से 40 हजार मिल चुके हैं, लेकिन 44,612 रुपये के लिए वह आज भी चक्कर काट रहे हैं।

राधा रानी।

राधा रानी।

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