अंबाला। निजामपुर गांव में देसी और अंग्रेजी शराब के ठेके पर काम करने वाले कारिंदे जगदीश चंद्र की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। मृतक जगदीश चंद्र उत्तराखंड के चंपावत जिले के फोरती गांव का रहने वाला था।
मृतक के परिजन बंसत ने बताया कि जगदीश पिछले 25 वर्षों से अंबाला में अलग-अलग जगहों पर काम कर रहा था। एक महीने पहले ही वह निजामपुर गांव के ठेके पर काम करने के लिए आया था। अक्सर जगदीश छह महीने बाद घर उत्तराखंड जाता था। जगदीश के दो बेटियां और दो बेटे हैं। चार वर्ष पहले ही उसने अपनी बड़ी बेटी की शादी की थी।
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बीते सोमवार को रात आठ बजकर 47 मिनट पर उसकी बात अपनी पत्नी और बच्चों से हुई थी। फोन पर जगदीश ने उनसे कहा कि उसने ठेका मालिक से बात की है और अपना बकाया वेतन लेकर वह 10 जून को घर पर आएगा। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब नौ बजे जगदीश चंद्र का शव ठेके के बाहर चारपाई पर मिला। पास ही खून से सनी ईंट भी थी।
कयास लगाया जा रहा है कि जगदीश चारपाई पर सोया था कि किसी ने उस पर हमला कर दिया। लालकुर्ती निवासी अमित कुमार उर्फ बबला ने इस मामले में शिकायत दी है। इसमें उसने बताया कि जब वह मंगलवार सुबह नौ बजे ठेके पर पहुंचा तो उसने देखा कि जगदीश का शव चारपाई पर खून से लथपथ है। उसके शरीर पर लोहे ही रॉड के निशान है। मुंह बुरी तरह से कुचला है।परिजनों का कहना है कि वे अंबाला में ही जगदीश का संस्कार करेंगे।