अंशु शर्मा, अंबाला। छह गोलीकांड व कुछ कारोबारियों को फिरौती मांगे जाने की वारदातों से सबक लेते हुए पुलिस ने नारायणगढ़ के सभी मुख्य रास्तों व सीमाओं पर नजर रखने के लिए 21 सीसीटीवी लगाए गए हैं। दो लाख रुपये की लागत से लगे इन सीसीटीवी का सर्वर रूम नारायणगढ़ पुलिस थाना बनाया गया है। अलग-अलग शिफ्टों में मुलाजिमों को नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि एक क्लिक से आरोपी की सही लोकेशन का पता लगाकर उसे राउंडअप किया जा सके।
इसके अलावा इलाके में 16 अस्थायी नाके भी लगाए जा रहे हैं। प्रत्येक नाके पर तीन से चार मुलाजिम की तैनाती रहती है जो अलग-अलग शिफ्ट में तैनात रखकर हर संदिग्ध व्यक्ति पर नजर रखते हैं। इन नाकों पर कुल 100 मुलाजिमों की तैनाती की गई है। पिछले चार माह में हुए छह गोलीकांड के बाद आरोपी आसानी से भाग जाते थे। पुलिस के हाथ केवल आसपास निजी बिल्डिंग पर लगे सीसीटीवी की फुटेज ही लग पाती थी। संवाद
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इंस्पेक्टर सहित डीएसपी भी कर रहे समय-समय पर इन नाकों का दौरा
इन अस्थाई नाकों पर भले ही पुलिस मुलाजिमों के फौज तैनात कर दी गई है। लेकिन समय-समय नाकों पर दौरा करने का जिम्मा नारायणगढ़ थाने के इंस्पेक्टर ललित, सीआईए शहजादपुर सहित डीएसपी सूरज चावला ने संभाला हुआ है। इसके अलावा पीसीआर व राइडर से भी इलाके की गश्त बढ़ा दी गई है।
तीन साल के बाद शहजादपुर से नारायणगढ़ में लौटी सीआईए
पहले सीआईए की टीम नारायणगढ़ की बिल्डिंग में बैठकर काम करती थी। जर्जर हालत होने के कारण सीआईए की टीम को शहजादपुर पुराने थाने की जगह पर शिफ्ट कर दिया था। नारायणगढ़ में लगातार बढ़ रहे आपराधिक मामलों को देखते हुए सीआईए की वापसी अपनी पुरानी बिल्डिंग में हुई है।
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अभी पुलिस के लिए यह चुनौती
नारायणगढ़ की सीमाओं सहित मुख्य रास्तों पर सीसीटीवी लगा दिए गए है। साथ ही जगह-जगह अस्थाई नाके लगाकर मुलाजिमों की तैनाती की गई है। सभी गोलीकांड के मामलों में लगभग सभी आरोपी पकड़े जा चुके हैं। जो गिरफ्त से बाहर है उन्हें भी जल्द काबू कर लिया जाएगा।
अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक अंबाला