अंबाला। बलदेव नगर थाने को बम से दहलाने की साजिश के मामले में पुलिस की जांच अब फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट पर अटक गई है। वारदात के 30 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि आरोपियों ने कार में किस तरह की विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया था।
अभी तक इस मामले का सीमा पार यानी पाकिस्तान बैठा मास्टरमाइंड भी गिरफ्त से बाहर है। अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत का कहना है कि इसी सप्ताह रिपोर्ट आने की पूरी उम्मीद है। उसके बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर विस्फोटक सामग्री कौन सी थी। अभी मामले की जांच चल रही है। सात आरोपियों के अलावा कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अंबाला सिटी के बलदेव नगर थाने में 21 जनवरी को एक मारुति कार खड़ी कर उसे विस्फोट से उड़ाने का प्रयास किया गया था। गनीमत यह रही कि विस्फोट सामग्री से जोरदार धमाका नहीं हुआ व आग की डिग्गी में रखे गैस से भरे मिनी सिलिंडरों तक नहीं पहुंची। इस मामले के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई थी। अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने एसआईटी का गठन किया था। अभी तक इस मामले में पुलिस अभी तक पटियाला निवासी कर्मजीत, फिरोजपुर निवासी आकाश व सौरभ दो भाईयों व फिरोजपुर निवासी रमन सहित सात आरोपियों को काबू कर जेल भेज चुकी है।
आरोपियों से पूछताछ में साजिश की कई परतें खुली हैं लेकिन तकनीकी रूप से केस को मजबूत करने के लिए विस्फोटक की प्रकृति का पता चलना बेहद जरूरी है। बरामद की गई सामग्री को तुरंत जांच के लिए एफएसएल मधुबन भेजा गया था। संवाद