अंबाला-जगाधरी हाईवे पर कैंट के औद्योगिक क्षेत्र के पास जलभराव का जायजा लेने पहुंचे एनएचएआई के प
अंबाला। औद्योगिक क्षेत्र के बाहर अंबाला-जगाधरी राजमार्ग छह दिन बाद भी बारिश के पानी से जलमग्न है। सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीके सिन्हा ने जायजा लेकर संबंधित प्रोजेक्ट के कांट्रेक्टर को जल्द से जल्द इसके समाधान के निर्देश दिए। कहा कि वह सर्वे कर पता लगाए कि आखिर पानी कैसे उतरेगा। जलभराव के कारण हाईवे को भी नुकसान हो रहा है, जैसे ही वह लौटने लगे तो रामपुर गांव के निकट कमल नगर निवासी समाजसेवी राम चंद्र सैनी व आजाद नगर निवासी कमल सैनी ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर को रोक लिया, उनके समक्ष अपनी कॉलोनी में हुए जलभराव का जमकर दुखड़ा रोते हुए एनएचएआई के इस प्रोजेक्ट में ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल खड़े किए। खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि टांगरी बांध से लेकर औद्योगिक क्षेत्र के निकट हाईवे से गुजर रहे नाले के बीच काफी निचाई है, यही कारण है कि अक्सर बारिश के दिनों में हाईवे का सारा पानी रामपुर गांव सहित दर्जन पर कॉलोनियों में मार करता है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीके सिन्हा ने उन्हें जल्द इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
समाजसेवी बोले- अगर टांगरी के पास हाईवे पर पानी गिराएं तो कॉलोनी में जाएगा
राम चंद्र सैनी ने प्रोजेक्ट डायरेक्ट को कहा कि वह अगर टांगरी बांध के पास जाकर हाईवे पर पानी गिराए तो वह पानी सीधा रामपुर गांव की तरफ मार करेगा। यही कारण है कि बारिश के बाद सारा पानी इन्हीं कॉलोनियों में मार करता है। उन्होंने हाईवे के पानी के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करवाने की मांग रखी।
अंबाला-जगाधरी हाईवे पर जमा पानी को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हाईवे के साथ जो ड्रेनेज सिस्टम के लिए नाला बना हुआ है, उसमें स्थानीय लोगों व कॉलोनी के कनेक्शन है, जो गलत है। यह नाले हाईवे पर जमा होने वाले बरसाती पानी की निकासी के लिए बने हुए हैं।
- पीके सिन्हा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
अंबाला-जगाधरी हाईवे पर कैंट के औद्योगिक क्षेत्र के पास जलभराव का जायजा लेने पहुंचे एनएचएआई के प