अंबाला सिटी। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अंबाला में 14 जून तक 41 हजार 690 लोगों को बीसीजी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। जो लक्ष्य का सिर्फ 14.8 फीसद है। स्वास्थ्य विभाग को 15 जुलाई तक दो लाख से अधिक लोगों को बीसीजी वैक्सीन लगानी है। ऐसे में इस लक्ष्य को पूरा करने में विभाग के लिए परेशानी हो रही है।
अधिकतर लोग टीके पकने के डर से टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। जबकि टीका पकने पर ही उसका असर अच्छा माना जाता है। वहीं विभाग ने भी अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि 18 वर्ष से अधिक आयु के हर मधुमेह मरीज को बीसीजी का टीका लगाने के लिए परामर्श दिया जाए। इससे लक्ष्य की प्राप्ति कि जा सके। शहरी क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर रुझान कम है। आंकड़ों को देखे तो अंबाला के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक लोगाें ने वैक्सीन लगवाई है।
मधुमेह रोगियों के लिए वैक्सीन जरूरी
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जशनप्रीत सिंह ने बताया कि जिन लोगों को मधुमेह की बीमारी है या फिर शारीरिक रूप से कमजोर है। उन लोगों को बीसीजी का टीका अवश्य लगाना चाहिए। इससे भविष्य में टीबी की बीमारी का खतरा न रहे। इसके अलावा बीते पांच वर्षों में टीबी के रोग से ग्रसित मरीज, तीन वर्ष से टीबी रोगी के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए यह टीका बेहद जरूरी है।
टीका पकने से न घबराएं
जिला टीबी अधिकारी डॉ सीमा ने बताया कि अगर किसी भी व्यस्क को टीका लगाने के बाद पक गया तो टीका सही काम कर गया है। टीका पकना एक सामान्य बात होती है। इसमें कोई खतरा नहीं होता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इस टीके से आने वाले समय में टीबी का खतरा नहीं रहता। इसलिए यह टीका जरूर लगवाना चाहिए। जिला अंबाला में 1459 टीबी के मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
अंबाला में कितना हुआ टीकाकरण
अंबाला शहर 1191
अंबाला छावनी 724
मुलाना 8167
बराड़ा 3150
शहजादपुर 23181
वर्जन
टीकाकरण अभियान के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। मधुमेह मरीजों को भी टीका लगवाने के लिए परामर्श देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जिससे टीबी के खतरे को कम किया जा सके।
-डॉ. सीमा, जिला टीबी अधिकारी स्वास्थ्य विभाग, अंबाला