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Ambala News: वैट और सर्विस टैक्स का लंबित एरियर 389 करोड़, 6 करोड़ ही वसूला

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आबकारी एवं कराधान विभाग। संवाद
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अंबाला। वैल्यू एडेड टैक्स (वैट), हरियाणा सामान्य सेल टैक्स (एचजीएसटी) और सेंट्रल सेल टैक्स (सीएसटी) के लंबित मामलों के निपटान के लिए जीएसटी विभाग द्वारा लाई गई एक मुश्त निपटान योजना-2 अपना अधिक फायदा नहीं दे सकी। इस योजना में कुछ टैक्स बकायेदारों ने तो रुचि दिखाई जबकि अधिकांश कारोबारियों ने इसमें प्रतिभाग नहीं किया। इसका असर यह हुआ कि दूसरी बार योजना लाने के बावजूद विभाग उम्मीद के मुताबिक बकाया कर की वसूली नहीं कर सका। अंबाला के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 389 करोड़ रुपये के बकायेदार थे, जिसमें से 6 करोड़ रुपये के आसपास का ही कर रिकवर हो सका है। 180 दिन तक चली इस योजना का अब समय समाप्त हो चुका है और इसे बंद किया जा चुका है। अब विभागीय अधिकारी आगामी निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।
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कारोबारियों ने इसलिए नहीं दिखाई रुचि

वैट, एचजीएसटी और सेंट्रल सेल टैक्स के कई मामले अपील व ट्रिब्यूनल के स्तर पर भी लंबित हैं। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि ऐसे में सिर्फ वही कारोबारी आए जिनके मामले अपील या ट्रिब्यूनल के दायरे में नहीं थे, जिनके मामले अपील व ट्रिब्यूनल के स्तर पर हैं वह अपना समाधान वहीं पर कराने के इच्छुक हैं। वहीं सीए गौरव गांधी बताते हैं कि इसमें कुछ केस ऐसे थे जिनमें विभाग की तरफ तो डिमांड खड़ी थी मगर व्यापारी की तरफ कोई कर की डिमांड नहीं थी। हालांकि योजना का लाभ सिर्फ संबंधित कारोबारियों ने ही लिया।



क्या थी एक मुश्त निपटान योजना-2025

जीएसटी विभाग की ओर से एक मुश्त निपटान योजना-2025 करदाताओं, विशेषकर छोटे दुकानदारों, उद्यमियों व व्यापारियों को सरकार राहत देने के लिए लाई है। इसके माध्यम से वैल्यू एडेड टैक्स (वैट), हरियाणा सामान्य सेल टैैक्स (एचजीएसटी) और सेंट्रल सेल टैक्स (सीएसटी) के लंबित मामलों को निपटाने का मौका कारोबारियों को दिया है। अंबाला में 9678 डीलरों पर यह कर व जुर्माना बकाया था।
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